विशेष संवाददाता, रायपुर
रायपुर, 09 जून 2026: आजादी के 78 साल बाद विकास की मुख्यधारा से जुड़ा अबुझमाड़ का मयूरीपारा, पीएमजीएसवाई से बदल रही ग्रामीणों की तकदीर
बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड से एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। कभी घने जंगलों और नक्सली साए में रहने वाला अतिसंवेदनशील अबुझमाड़ क्षेत्र अब विकास की नई राह पर चल पड़ा है। केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ (PMGSY) के तहत यहाँ तेजी से सड़क निर्माण का काम चल रहा है। इस सड़क के बनने से वर्षों से कटे हुए ‘मयूरीपारा’ गाँव के लोगों की जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। अब ग्रामीणों को बेहतर यातायात, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का सीधा लाभ मिलने लगा है।

16 किलोमीटर लंबी सड़क से दूर होगी बरसों की दूरी
विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम ‘बैल’ से ‘मयूरीपारा’ तक कुल 16 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस बड़ी परियोजना में से अब तक 13 किलोमीटर मिट्टीकृत सड़क का काम पूरा भी कर लिया गया है। इसके साथ ही सड़क को पक्का करने के लिए मुरूमीकरण और रास्ते में पड़ने वाली छह पुलियों का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में है। अधिकारियों का दावा है कि इस सड़क का बाकी बचा हुआ काम इसी जून महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
नाव के सफर और पैदल चलने के दर्द से मिली मुक्ति
ग्राम बैल की सरपंच श्रीमती जुग्गी अठामी ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि आजादी के 78 साल बीत जाने के बाद भी यह इलाका विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह कटा हुआ था। कठिन रास्तों और नक्सल प्रभाव के कारण यहाँ बुनियादी सुविधाएं भी नहीं पहुंच पाई थीं।
सरपंच ने बताया कि सड़क न होने से ग्रामीणों को राशन, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए घने जंगलों के बीच से कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। सबसे ज्यादा मुसीबत बरसात के दिनों में होती थी, जब उफनती नदी को पार करने के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ता था। इसमें समय तो बर्बाद होता ही था, साथ ही जान का खतरा भी बना रहता था। लेकिन अब सड़क बनने से यह परेशानी हमेशा के लिए दूर हो रही है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आई नई क्रांति
इस सड़क के बनने से सबसे बड़ा फायदा गाँव के बच्चों और बीमार लोगों को हुआ है।
- आसान हुई पढ़ाई: अब गाँव के स्कूली बच्चों को स्कूल आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होती। वे बिना किसी डर और रुकावट के समय पर स्कूल पहुंच रहे हैं।
- समय पर मिलेगा इलाज: स्वास्थ्य सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच बेहद आसान हो गई है। अब किसी के बीमार होने या आपातकाल की स्थिति में मरीजों को बिना देरी किए एम्बुलेंस या वाहनों के जरिए अस्पताल पहुंचाया जा सकता है। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत हुई है।
उम्मीदों का नया मार्ग
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल मिट्टी और गिट्टी से बनी कोई आम सड़क नहीं है। यह उनके लिए विकास, शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और एक सुरक्षित भविष्य की नई उम्मीद है। ग्रामीणों को पूरा भरोसा है कि बैल से मयूरीपारा मार्ग का काम पूरा होते ही पूरे क्षेत्र में व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के इस प्रयास ने सचमुच अबुझमाड़ जैसे दूरदराज के इलाकों को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का एक ऐतिहासिक काम किया है।
