रायपूर. 25 मार्च_ उरी, पठानकोट, पुलवामा जैसे आतंकवादी हमलों का करारा उत्तर देने के उपरांत भी ये हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। यह बात कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले से फिर एक बार स्पष्ट हो गई है। यहां आतंकवादियों ने भारतीय पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर 26 लोगों की निर्दयता से हत्या कर दी।

इसमें एक नवविवाहिता के सामने ही उसके पति की हत्या कर दी गई। यह घटना न केवल आतंकवादियों की क्रूरता को दर्शाती है, अपितु भारत की संप्रभुता और हिंदू समाज पर एक सीधा हमला भी है। अब केवल निंदा करना पर्याप्त नहीं है, अपितु भारत सरकार को इजराइल का आदर्श लेते हुए आतंकवादियों और उनके समर्थक पाकिस्तान पर ऐसी कठोर सैन्य कार्यवाही करनी चाहिए कि उन्हें जीवनभर याद रहे, इस मांग को लेकर हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति, रायपुर द्वारा हिन्दू राष्ट्र जागृति आंदोलन का आयोजन किया गया । इसमें हिंदू जनजागृति समिति, सनातन संस्था, शिवसेना रायपुर, लक्ष्य सनातन संगम, हिन्दू महासभा आदि संगठनोने सहभाग लिया था | हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. नीरज क्षीरसागर, श्री. मंगेश खंगन शिवसेना के श्री. आशीष परेडा, लक्ष्य सनातन संगम के श्री. विशाल ताम्रकार इन्होंने आंदोलन को संबोधित करते हुए मांगे रखी l
इस हमले में मारे गए 26 पर्यटक देश के विभिन्न राज्यों से थे, जिससे स्पष्ट होता है कि आतंकवादियों का उद्देश्य पूरे देश में भय फैलाना था। इस हत्या के जो वीडियो और चित्र सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए हैं, वे मानवता को भी लज्जित करने वाले हैं। पिछले कुछ समय से हिंदू व्यवसायियों, कर्मचारियों और कश्मीरी हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। अतः अभी हुए पर्यटक हत्याकांड में किन स्थानीय संगठनों, नेताओं, राजनीतिक दलों और प्रशासन के लोगों का सहभाग है, यह खोज कर उन्हें भी कठोर दंड देना चाहिए।

कुल मिलाकर कश्मीर की स्थिति और वहां के नेताओं के राष्ट्रविरोधी बयानों को देखते हुए, वहां तुरंत राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए। कश्मीर घाटी में व्यापक ‘कॉम्बिंग ऑपरेशन’ चलाकर आतंकवादियों का पूर्णतः नाश करना चाहिए। जिन पराग प्रदेशोंसे लगातार आतंकी हमले हो रहे हैं, वहां स्थायी सैन्य छावनियां स्थापित की जानी चाहिए। कश्मीर में बचे हुए हिंदू पर्यटकों, व्यवसायियों और कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए विशेष सुरक्षा योजना लागू करनी चाहिए। पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) भारत का अविभाज्य भाग है, इसकी पुनः घोषणा कर उसके विलय की प्रक्रिया तुरंत शुरू करनी चाहिए, ऐसी मांगें इस अवसर पर की गई हैं।
इन इन मांगों का ज्ञापन मा. जिलाधिकारी कार्यालय रायपुर की और से मा. तहसीलदार श्री. प्रवीण परमार इन्होंने स्वीकार किया एवं उचित करवाई करने का आश्वासन दिया |
