आध्यात्मिक दिशा प्रदान करने वाला अमृत कलश बनेगा ज्ञान मानसरोवर – ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी

राजनांदगांव 29 दिसम्बर।
ब्रह्माकुमारीज़ राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र ज्ञान मानसरोवर का प्रथम वार्षिक उत्सव सोमवार8दिसम्बर2025 को श्रद्धा, उमंग और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ।उल्लेखनीय है कि केंद्र का भव्य शुभारंभ 08 दिसम्बर 2024 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमनसिंह जी के गरिमामय उपस्थिति में किया गया था। उसकी प्रथम वर्षगांठ पर इस विशिष्ट समारोह का आयोजन किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का नया संचार किया।

समारोह की मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी जी (कर्नाटक)रहीं। गीता ज्ञान की प्रखर मर्मज्ञ के रूप में विख्यात वीणा दीदी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जीवन को संपूर्ण, संतुष्ट और योगयुक्त बनाने हेतु गीता के चार महावाक्यों—संतुष्ट:, सततम् योगी, यतात्मा ,दृढ़ निश्चयःपर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “जो है और जितना है, उसमें संतुष्ट रहना ही वास्तविक शक्ति है।” उन्होंने यह भी कहा कि “सतत योग जीवन का अमोघ बल है—जब तक साँस, तब तक ईश्वर का साथ।”
जिससे सदा खुश रह सकते हैं।


अपने संबोधन में दीदी जी ने प्रतिदिन ईश्वरीय महावाक्य “मुरली “सुनने को आत्मा का “दैनिक भोजन” बताया और कहा कि ईश्वर-प्रदत्त ज्ञान का प्रसाद केवल स्वयं तक सीमित न रहे, बल्कि समाज तक पहुँचाना ही सच्ची आध्यात्मिक सेवा है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को यह संकल्प भी दिलाया कि वे ज्ञान-योग को जीवन में निरंतरता के साथ अपनाएँ और अधिकाधिक आत्माओं को शिव संदेश से जोड़ें।

कार्यक्रम में केंद्र की स्थापना-यात्रा के साथ समाज में की गई सेवा को भी प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। बताया गया कि ज्ञान मानसरोवर का यह भव्य स्वरूप परम तपस्वी मूर्त ब्रह्माकुमारी पुष्पा बहन जी की 46 वर्षों की तपस्या, समर्पण और सेवाभावना का प्रत्यक्ष परिणाम है। दीदी जी के वर्षों पुराने संकल्प का आज यह केंद्र एक साकार सेवाभावी रूप बन चुका है।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी (बिलासपुर),ब्रह्माकुमारी प्राची दीदी (भिलाई ),रूपा बहन, गायत्री बहन और शशीप्रभा बहन सहित अनेक वरिष्ठ राजयोगिनियों ने भी अपनी पावन उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और अपने आशीर्वचन प्रदान किए।

समारोह में आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, केक कटिंग और दीप प्रज्वलन ने विशेष उत्सवी माहौल निर्मित किया। कार्यक्रम में कल्याणिका मंदिर के महाराज जी , नगर पंचायत डोंगरगांव की अध्यक्ष श्रीमती अंजू त्रिपाठी जी , रचना मिश्रा समाजसेवी सुरेश भीमनानी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता कर आयोजन की सराहना की।

वीणा दीदी ने अपने सम्बोधन में सभी साधकों को हुबली (कर्नाटक)स्थित एशिया के सबसे बड़े गीता ज्ञान संग्रहालय के अवलोकन हेतु आमंत्रित किया एवं विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ज्ञान मानसरोवर पूरे भारतवर्ष को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करने वाला “अमृत कलश “बनेगा।

कार्यक्रम का आयोजन डोंगरगांव रोड,गोकुल नगर के आगे, बिजली सब स्टेशन के पास स्थित “ज्ञान मान सरोवर” राजनांदगांव में किया गया।ब्रह्माकुमार मोरध्वज भाई ने स्वागत गीत,नन्हीं बालिका आराध्या,सिद्धिका, कुमारी मेघा ,कृतिका एवं साथियों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया व मंच संचालन ब्रह्माकुमारी प्रभा बहन जी ने किया।

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