रायपुर 13 अप्रैल । छत्तीसगढ़ में वर्ष 2027 में होने वाली 16वीं राष्ट्रीय जनगणना और जातिगत जनगणना की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव एवं जनगणना, छत्तीसगढ़ के नोडल अधिकारी श्री मनोज कुमार पिंगुआ और जनगणना निदेशालय छत्तीसगढ़ के निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल ने शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए जनगणना की रूपरेखा और राज्य की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।

मनोज पिंगुआ को मिली जनगणना की कमान
राज्य शासन ने गृह एवं जेल विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ को 2027 में होने वाली जनगणना के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। श्री पिंगुआ राज्य में जनगणना से जुड़ी सभी गतिविधियों का समन्वय देखेंगे और केंद्र-राज्य के बीच कड़ी के रूप में काम करेंगे।

जनगणना निदेशालय छत्तीसगढ़ के निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल भी इस महाअभियान के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। दोनों अधिकारियों ने बताया कि यह आजादी के बाद पहली बार होगी जब जनगणना के साथ जातिगत आंकड़े भी जुटाए जाएंगे।

कब और कैसे होगी जनगणना 2027
- संदर्भ तिथि: देश के अधिकांश हिस्सों के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 तय की गई है। बर्फीले क्षेत्रों जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में यह तिथि 1 अक्टूबर 2026 होगी।
- दो चरणों में होगी गिनती:
- पहला चरण – मकान सूचीकरण: अप्रैल 2026 से शुरू होगा। इसमें हर घर की स्थिति, कच्चा/पक्का मकान, बिजली, पानी, शौचालय, रसोई गैस जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी जुटाई जाएगी।
- दूसरा चरण – जनसंख्या गणना: फरवरी 2027 में होगा। इसमें व्यक्ति-वार विवरण और इस बार जातिगत आंकड़े भी शामिल किए जाएंगे।
- डिजिटल जनगणना: 16 साल बाद हो रही यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, 2021 की जनगणना कोविड-19 के कारण स्थगित हो गई थी।

पत्रकारों से चर्चा में श्री मनोज पिंगुआ ने कहा:
- “केंद्र सरकार ने जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 3 के तहत 16 जून 2025 को अधिसूचना जारी कर 2027 में जनगणना की घोषणा की है। राज्य सरकार पूरी तैयारी के साथ इस महाअभियान को सफल बनाएगी।”
- “जनगणना में लाखों कर्मचारी, शिक्षक और सरकारी अमला शामिल होगा। जिला स्तर पर भी जल्द रूपरेखा तैयार की जाएगी।”
निदेशक कार्तिकेय गोयल ने बताया कि जनगणना का उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक रूप से सटीक जानकारी इकट्ठा करना है, जिससे नीतियों और योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके।
खर्च और महत्व
संपूर्ण जनगणना प्रक्रिया पर 13,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की संभावना है। यह अब तक की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी।
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को 31 दिसंबर 2025 तक प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं में बदलाव पूरा करने का निर्देश दिया है, ताकि जनगणना का काम बाधित न हो।
30 अप्रैल को राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में आगामी जनगणना में जातिगत गणना को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया था। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कार्यकाल के दौरान कराए गए जाति सर्वे की लीक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में OBC वर्ग की आबादी सबसे ज्यादा है।
फिलहाल नोडल अधिकारी की नियुक्ति के बाद राज्य में जनगणना को लेकर व्यवस्थित और समयबद्ध योजना बनाने की प्रक्रिया तेज़ हो गई है।
