रायपुर 17 अप्रैल।छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) फेज-4 के तहत ग्रामीण विकास को एक नई दिशा देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। केंद्र सरकार ने राज्य के लिए ₹2,225 करोड़ की लागत से 774 नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इन कार्यों के शिलान्यास और कार्यान्वयन की प्रक्रिया को गति दी है।
छत्तीसगढ़ PMGSY-IV मुख्य आकर्षण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट द्वारा स्वीकृत यह योजना राज्य के दूरस्थ और जनजाति बहुल क्षेत्रों में बारहमासी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।
कुल स्वीकृत कार्य: 774 सड़क परियोजनाएं।
कुल लंबाई: लगभग 2,427 किलोमीटर का नया सड़क नेटवर्क।
कुल निवेश: ₹2,225.43 करोड़ (केंद्र सरकार का हिस्सा ₹1,331.52 करोड़ और राज्य का हिस्सा ₹893.91 करोड़)।
लाभान्वित बसाहटें: प्रदेश की 781 ग्रामीण बसाहटें पहली बार बारहमासी पक्की सड़कों से जुड़ेंगी।
क्षेत्रवार वितरण और प्राथमिकता
इस चरण में जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत अनुसूचित जनजाति बहुल ग्रामों को विशेष प्राथमिकता दी गई है:
बस्तर जिला: सर्वाधिक 87 सड़कों की स्वीकृति।
कोरिया जिला: 84 सड़कें।
जशपुर जिला: 77 सड़कें।
अन्य प्रमुख जिले: महासमुंद (प्रस्तावित 118 किमी), केशकाल (12.5 किमी का निर्माण जारी) और अन्य 24 जिलों में कार्यों का विस्तार होगा।
तकनीकी एवं सामाजिक प्रभाव
पर्यावरण अनुकूल तकनीक: सड़कों के निर्माण में ग्रीन टेक्नोलॉजी, जैसे प्लास्टिक वेस्ट और ‘कोल्ड मिक्स’ तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
रोजगार सृजन: इस योजना के तहत राज्य में बड़े पैमाने पर मानव-दिवस रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
सुविधाएं: नई सड़कों से ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा, स्वास्थ्य (अस्पताल), कृषि और बाजारों तक पहुंच सुगम होगी।
विवरण आंकड़े
योजना की अवधि 2024-25 से 2028-29
सड़कों की कुल संख्या 774
कुल लंबाई (किमी) 2426.87 किमी
कुल लागत ₹2225.43 करोड़
लाभान्वित बसाहटें 781
यह पहल छत्तीसगढ़ को “विकसित छत्तीसगढ़” बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे अब तक सड़क संपर्क से वंचित दुर्गम क्षेत्रों के ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
