रायपुर 19 अप्रैल । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज भाजपा प्रदेश कार्यालय ‘कुशाभाऊ ठाकरे परिसर’ में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री अरुण सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बेहद कड़े और भावुक शब्दों में कांग्रेस और इंडी (I.N.D.I.A.) गठबंधन पर देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का एक मील का पत्थर है। यह संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित कर हमारी माताओं-बहनों के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करने वाला था।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने केवल अपनी ‘परिवारवादी राजनीति’ को बचाने और ‘वोट बैंक’ के समीकरणों को साधने के लिए इस ऐतिहासिक कदम की राह में रोड़े अटकाए हैं। मुख्यमंत्री ने इसे देश की 70 करोड़ महिलाओं के साथ किया गया सीधा विश्वासघात करार दिया।

प्रेस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “देश की आधी आबादी को नेतृत्व के अधिकार से वंचित करने के उद्देश्य से महिला आरक्षण की राह में बाधा डालना कांग्रेस और इंडी गठबंधन का एक ‘महापाप’ है। राजनीति से ऊपर उठकर जिस विषय पर सर्वसम्मति होनी चाहिए थी, उस पर कांग्रेस ने संकीर्ण मानसिकता का परिचय दिया है।”
श्री साय ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि इस कृत्य का परिणाम कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की नारीशक्ति अब जागरूक हो चुकी है और आने वाले समय में अपने अधिकारों का हनन करने वालों को चुनाव के माध्यम से ‘करारा जवाब’ देगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, देश की जनता अब ‘महिला विरोधी’ कांग्रेस और उसके सहयोगियों के दोहरे चरित्र को और बर्दाश्त नहीं करेगी।

प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेतृत्व ने दोहराया कि पार्टी महिलाओं को उनका उचित हक दिलाने के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि भाजपा सरकार ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ (Women-led Development) के विजन पर अडिग है और कांग्रेस की किसी भी बाधा के बावजूद नारी शक्ति के सम्मान की लड़ाई जारी रहेगी।
