पश्चिम एशिया संकट: छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, कृषि और खाद्य आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा असर:श्रीमती शहला निगार एवं एवं डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी

रायपुर | 20 अप्रैल 2026
आज रायपुर में पश्चिम एशिया (Mid-East) की तेजी से बदलती परिस्थितियों और उनके संभावित आर्थिक प्रभावों को लेकर एक उच्च स्तरीय साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस वार्ता को कृषि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, खाद्य एवं आपूर्ति संचालक डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी और विभिन्न तेल कंपनियों (Oil Companies) के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।

  1. कृषि क्षेत्र पर प्रभाव और तैयारी:
    प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर पड़ सकता है। उन्होंने प्रदेश के किसानों को आश्वस्त किया कि उर्वरक (Fertilizer) और अन्य कृषि इनपुट की उपलब्धता पर विभाग पैनी नजर रखे हुए है, ताकि आगामी सीजन में खेती-किसानी पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
  1. आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और भंडारण:
    खाद्य एवं आपूर्ति संचालक डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि राज्य में आवश्यक खाद्य वस्तुओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता के बावजूद, प्रदेश में जमाखोरी रोकने और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
  2. ईंधन और ऊर्जा सुरक्षा:
    तेल कंपनियों के अधिकारियों ने वर्तमान तेल कीमतों और वैश्विक बाजार की स्थिति पर विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लॉजिस्टिक्स रूट और बैकअप योजनाओं पर काम किया जा रहा है। पश्चिम एशिया के हालातों के मद्देनजर ईंधन की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर केंद्र और राज्य के बीच निरंतर समन्वय बना हुआ है।
    प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति के बीच छत्तीसगढ़ की आर्थिक स्थिरता और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर जनता और हितधारकों को वस्तुस्थिति से अवगत कराना था। अधिकारियों ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकार स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *