प्रदेश को मिली पहली ‘शहरी गैस वितरण नीति’, राजनांदगांव में बनेगी क्रिकेट अकादमी 

 

रायपुर 29 अप्रैल मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास, खेल सुविधाओं और प्रशासनिक न्याय से जुड़े कई दूरगामी निर्णय लिए गए। सबसे प्रमुख फैसला प्रदेश में स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए ‘‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026‘‘ को मंजूरी देना रहा। 

1. घर-घर पहुंचेगी सस्ती गैस: ‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026’ मंजूर

राज्य सरकार ने प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में एलपीजी के विकल्प के रूप में प्राकृतिक गैस (PNG) को सुलभ बनाने के लिए नई नीति को हरी झंडी दे दी है।

  • सस्ता और सुलभ ईंधन: अब पाइपलाइन के जरिए सीधे रसोई तक गैस पहुंचेगी, जो एलपीजी के मुकाबले सस्ती और अधिक सुरक्षित होगी।
  • निवेश और रोजगार: इस नीति से राज्य में गैस पाइपलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भारी निवेश आएगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
  • पर्यावरण संरक्षण: स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने से प्रदूषण कम होगा, जो राज्य सरकार के पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दर्शाता है। 

2. राजनांदगांव में संवरेगा खेल भविष्य: क्रिकेट अकादमी के लिए भूमि आवंटन

खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं देने के क्रम में कैबिनेट ने जिला क्रिकेट एसोसिएशन, राजनांदगांव को आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी निर्माण हेतु 5 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया है। यह भूमि सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम दर्ज जमीन से रियायती दरों पर दी जाएगी, जिससे क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर का मंच मिल सकेगा। 

3. मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान: 6809 लोगों को मिली बड़ी राहत

बैठक में जरूरतमंदों की मदद के लिए मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से जारी 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार रुपये की सहायता राशि को कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की गई। इस राशि से प्रदेश के लगभग 6,809 व्यक्तियों और विभिन्न संस्थाओं को आर्थिक संबल मिला है, जो गंभीर बीमारी, शिक्षा या अन्य आकस्मिक जरूरतों के लिए दी गई है।

4. आईपीएस अधिकारियों को बड़ी राहत: पदावनति आदेश निरस्त

प्रशासनिक दृष्टिकोण से एक बड़ा फैसला लेते हुए मंत्रिपरिषद ने 1988 बैच के तीन आईपीएस अधिकारियों—श्री संजय पिल्ले, श्री आर.के. विज और श्री मुकेश गुप्ता के खिलाफ 2019 में जारी पदावनति (Demotion) आदेश को निरस्त कर दिया है।

  • सरकार ने तथ्यों के पुनरीक्षण के बाद 26 सितंबर 2019 के आदेश को अपास्त कर दिया है।
  • इसके साथ ही तत्कालीन सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों को रद्द करते हुए अधिकारियों की स्थिति को यथावत बहाल कर दिया गया है।

 साय सरकार के ये निर्णय न केवल शहरी अधोसंरचना को आधुनिक बनाएंगे, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और खेल संस्कृति को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

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