रायपुर 1 मई ग्रामीण विकास और सुशासन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी एक सशक्त पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की इस गौरवशाली उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे जनभागीदारी और सरकारी प्रतिबद्धता की जीत बताया है।
सभी 11,643 ग्राम पंचायतों की शत-प्रतिशत भागीदारी
पंचायत उन्नति सूचकांक (PUI) 2.0 की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ ने एक अभूतपूर्व मिसाल पेश की है। प्रदेश की सभी 11,643 ग्राम पंचायतों ने इस सूचकांक में 100% भागीदारी सुनिश्चित की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं और सुशासन के प्रयास प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहे हैं।
बालोद की ‘झालमला’ पंचायत बनी प्रदेश में अव्वल
इस रैंकिंग में बालोद जिले की झालमला ग्राम पंचायत ने समूचे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने झालमला के नेतृत्व और वहां के ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि ईमानदार नेतृत्व और सक्रिय जनभागीदारी से विकास के किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करना संभव है। झालमला की सफलता अब अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी।
‘डबल इंजन’ सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री श्री साय ने जोर देकर कहा कि प्रदेश में कार्यरत ‘डबल इंजन’ की सरकार ग्रामीण विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की पंचायतों को आधुनिक सुविधाओं से लैस और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
विकास का नया मॉडल
राज्य सरकार का लक्ष्य न केवल बुनियादी ढांचा खड़ा करना है, बल्कि ग्राम स्वराज की परिकल्पना को साकार करते हुए ग्रामीणों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाना है। पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 में छत्तीसगढ़ का यह प्रदर्शन राज्य में बेहतर प्रशासन और जवाबदेही की नई इबारत लिख रहा है।
