छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा तोहफा: सैनिकों और पूर्व सैनिकों को संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में 25% की छूट

रायपुर 7 मई । छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए एक बड़ा संवेदनशील निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और युद्ध में शहीद हुए जवानों की विधवाओं को अचल संपत्ति (मकान या जमीन) की खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की विशेष छूट देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री और पंजीयन मंत्री की विशेष पहल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में और पंजीयन मंत्री श्री ओपी चौधरी की विशेष पहल पर यह कल्याणकारी योजना लागू की गई है। विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके साथ ही यह नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।

योजना की मुख्य शर्तें और लाभ

इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं:

  1. छूट की सीमा: स्टाम्प शुल्क में 25% की छूट ₹25 लाख तक की संपत्ति के मूल्य पर मिलेगी। यदि खरीदी गई संपत्ति का मूल्य 25 लाख रुपये से अधिक है, तो छूट केवल 25 लाख तक ही सीमित रहेगी और शेष अतिरिक्त राशि पर सामान्य नियमानुसार स्टाम्प शुल्क देना होगा।
  2. पात्रता: इस योजना का लाभ भारतीय सेना के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनके निधन की स्थिति में उनके जीवित जीवनसाथी (विधवा/विधुर) को मिलेगा।
  3. एक बार का लाभ: यह विशेष छूट किसी भी लाभार्थी को उसके पूरे जीवनकाल में केवल एक बार ही प्रदान की जाएगी।
  4. उद्देश्य: इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य उन सैनिकों को आर्थिक राहत देना है जो अपनी सेवा के दौरान या सेवानिवृत्ति के बाद अपना घर बनाना चाहते हैं।

“सैनिकों के सम्मान में समर्पित सरकार”

पंजीयन मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस निर्णय पर कहा कि देश की सेवा करने वाले सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का यह एक छोटा सा प्रयास है। सरकार के इस कदम से हजारों सैनिक परिवारों को अपना घर खरीदने में लाखों रुपयों की बचत होगी।

सैनिक संगठनों ने भी राज्य सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे प्रदेश के गौरवशाली सैनिकों के कल्याण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया है।

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