रायगढ़, 8 मई 2026: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री और रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी शुक्रवार को रायगढ़ के पटेलपाली कृषि उपज मंडी में आयोजित ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के भव्य सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 150 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।

वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न हुआ विवाह
जिले के अलग-अलग विकासखंडों में आयोजित इन कार्यक्रमों में कुल 150 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लिए। आयोजन में सामाजिक समरसता और सादगी की अनूठी झलक देखने को मिली। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा की गई सुव्यवस्थित तैयारियों के बीच वर-वधू और उनके परिजनों के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे।

विवाह कार्यक्रमों का विवरण:
- रायगढ़: 45 जोड़े
- बंजारी धाम (खरसिया): 30 जोड़े
- खरसिया विकासखंड: 15 जोड़े
- लैलूंगा: 30 जोड़े
- धरमजयगढ़: 30 जोड़े
बिचौलियों का अंत: सीधे खाते में जा रही सहायता राशि

समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री चौधरी ने राज्य सरकार की पारदर्शिता की सराहना की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रति जोड़ा 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि, “शासन की मंशा बिचौलियों को खत्म कर सीधे पात्र हितग्राही को लाभ पहुँचाने की है। इसीलिए सहायता राशि में से 35,000 रुपये सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से वधू के बैंक खाते में भेजे जा रहे हैं। शेष राशि का उपयोग वर-वधू के परिधान, वैवाहिक सामग्री और आयोजन की व्यवस्थाओं पर किया जाता है।”
वित्त मंत्री की विशेष घोषणा: 45 वधुओं को मिलेगी अतिरिक्त राशि
खुशी के इस अवसर पर श्री चौधरी ने अपनी ओर से एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने रायगढ़ में विवाह बंधन में बंधी 45 नववधुओं को स्वेच्छानुदान मद से 5-5 हजार रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया। यह राशि भी आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जाएगी।
संस्कार और सौहार्द का संगम
पूरे जिले में आयोजित इन सामूहिक विवाहों ने न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को संबल प्रदान किया, बल्कि समाज में सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुए इन कार्यक्रमों ने पारिवारिक सौहार्द की एक नई मिसाल पेश की है।
