रायपुर, 10 मई 2026
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का जिला प्रशासन ने किया खंडन: उड़ीसा से लौटे विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार को तत्काल मिली सरकारी मदद
रायपुर जिले में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के मामले में जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए वास्तविक तथ्यों को सामने रखा है। जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर ने बताया कि वायरल वीडियो में दिख रहे हितग्राही, जो एक विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) परिवार से ताल्लुक रखते हैं, हाल ही में आयोजित ‘समाधान शिविर’ में अपना आवेदन लेकर पहुंचे थे। प्रशासन ने न केवल उनकी समस्या सुनी, बल्कि मौके पर ही उनका राशन कार्ड और जॉब कार्ड बनाकर संवेदनशीलता का परिचय दिया।
सर्वे सूची में नाम न होने का मुख्य कारण
सीईओ श्री चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि संबंधित परिवार लंबे समय से छत्तीसगढ़ के बजाय उड़ीसा में निवास कर रहा था। इस कारणवश:
- वर्ष 2011 और 2018 की आवास सर्वे सूची में उनका नाम शामिल नहीं हो पाया था।
- हाल ही में वर्ष 2024 में राज्य सरकार द्वारा कराए गए नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी यह परिवार गांव में मौजूद नहीं था।
- परिवार कुछ ही दिन पहले छत्तीसगढ़ वापस लौटा है, जिसके तुरंत बाद प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए पीएम जनमन योजना के तहत उनका सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया है।
मौके पर ही बने राशन और जॉब कार्ड
समाधान शिविर की सफलता का उल्लेख करते हुए अधिकारियों ने बताया कि उड़ीसा में रहने के कारण इस परिवार के पास राशन कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं थे। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए शिविर में ही:
- राशन कार्ड तत्काल तैयार कर सौंपा।
- मनरेगा जॉब कार्ड बनाकर हितग्राही को प्रदान किया।
- आयुष्मान कार्ड जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
शीघ्र मिलेगा पक्का आवास
आवास की समस्या पर बात करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने आश्वस्त किया कि उक्त परिवार का नाम अब पीएम जनमन योजना के तहत पंजीकृत हो चुका है और उन्हें जल्द ही आवास की स्वीकृति मिल जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिले की विभिन्न बसाहटों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए बार-बार सर्वे कराया जा रहा है। जिन शेष पात्र परिवारों की सूची तैयार है, उन्हें भारत सरकार से हरी झंडी मिलते ही लाभान्वित किया जाएगा।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकार हर पात्र परिवार को नियम अनुसार योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। भ्रामक वीडियो या सूचनाओं पर ध्यान देने के बजाय लोग सीधे प्रशासन से संपर्क कर समाधान प्राप्त कर सकते हैं। हितग्राही को आश्वस्त किया गया है कि शासन-प्रशासन उनके पुनर्वास और कल्याण के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ा है।
