रायपुर: ‘निश्चय’ योजना से बदलेगी बंदियों की दुनिया, जेल से रिहाई के बाद अब अपराध नहीं, स्वरोजगार की राह चुनेंगे युवा
रायपुर, 10 मई 2026
रायपुर: ‘निश्चय’ योजना से बदलेगी बंदियों की दुनिया, जेल से रिहाई के बाद अब अपराध नहीं, स्वरोजगार की राह चुनेंगे युवा
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘निश्चय’ योजना के तहत आज राजधानी रायपुर स्थित केंद्रीय जेल और महिला जेल में एक विशेष गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रदेश के युवा बंदियों को अपराध की दुनिया से बाहर निकालकर उन्हें स्वावलंबन और सम्मानजनक जीवन की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

कौशल विकास से सशक्त हुए 67 बंदी
समारोह के दौरान कुल 67 बंदियों को उनकी प्रशिक्षण अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर ‘कौशल विकास प्रमाण-पत्र’ प्रदान किए गए। इनमें 38 महिला बंदी और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं। यह प्रमाण-पत्र केवल कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके भविष्य के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है।
क्या है ‘निश्चय’ कार्यक्रम?
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत के सक्रिय सहयोग से संचालित यह अभियान ‘जेन-जी’ (Gen-Z) यानी युवा बंदियों को लक्ष्य कर बनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को अपराध के दलदल में दोबारा गिरने से रोकना है। कार्यक्रम के तहत बंदियों को मुख्य रूप से तीन स्तरों पर तैयार किया जाता है:

- मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग: बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य पर काम करना।
- अपराध बोध का ज्ञान: उन्हें उनके कृत्यों के सामाजिक परिणामों के प्रति जागरूक करना।
- कौशल प्रशिक्षण: स्व-रोजगार के लिए तकनीकी और व्यावहारिक शिक्षा देना।
13 मई को लगेगा ‘लोन मेला’
बंदियों के पुनर्वास को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए, सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की तैयारी भी कर चुकी है। जेल प्रशासन ने घोषणा की है कि आगामी 13 मई 2026 को इंडियन ओवरसीज बैंक के सहयोग से केंद्रीय जेल परिसर में एक विशेष ‘लोन मेला’ आयोजित किया जाएगा। इस मेले का उद्देश्य रिहा होने वाले बंदियों को स्वयं का छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए आसानी से ऋण (Loan) उपलब्ध कराना है, ताकि वे समाज में सिर उठाकर जी सकें।
इस गरिमामयी अवसर पर डीजी (जेल) श्री हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री, महिला जेल प्रभारी सुश्री गरिमा पांडेय सहित जेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि ‘निश्चय’ योजना छत्तीसगढ़ की जेलों को केवल दंड देने का केंद्र नहीं, बल्कि वास्तविक ‘सुधार गृह’ के रूप में स्थापित करेगी।
