रायपुर/कुनकुरी, 10 मई 2026:
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कलिबेश्वर महादेव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में की शिरकत; कहा- ‘मंदिर आस्था के साथ सामाजिक समरसता के भी केंद्र’
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के विकासखंड कुनकुरी के ग्राम कलिबा पहुंचे, जहाँ उन्होंने नवनिर्मित कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस आध्यात्मिक अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी उनके साथ उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता पर जोर
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति विश्व को सेवा, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थान नहीं हैं, बल्कि ये हमारी परंपराओं को जीवित रखने और समाज को एक सूत्र में पिरोने के सशक्त माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

28 माह के कार्यकाल की उपलब्धियों का लेखा-जोखा
मुख्यमंत्री ने अपने 28 महीनों के कार्यकाल की सफलताओं को साझा करते हुए बताया कि राज्य सरकार ‘मोदी की गारंटी’ को जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रमुख योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा:

- महतारी वंदन योजना: महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए शुरू की गई इस योजना की अब तक 27 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। इसके तहत कुल 17,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी गई है।
- रामलला दर्शन योजना: छत्तीसगढ़ के ‘भांचा राम’ के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए सरकार ने अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या में रामलला के दर्शन कराए हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए देश के 19 प्रमुख तीर्थों की यात्रा कराई जा रही है।
सुशासन और त्वरित समाधान की नई पहल
जनता की समस्याओं के निराकरण के प्रति अपनी संवेदनशीलता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ‘सुशासन तिहार’ और विशेष राजस्व शिविरों के माध्यम से मामलों का त्वरित निपटारा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और सख्त कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही एक ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन’ शुरू की जाएगी।
- इसके लिए एक समर्पित टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा।
- नागरिक अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकेंगे।
- शिकायतों का समाधान एक निश्चित समय-सीमा (Time-limit) के भीतर अनिवार्य होगा।
- यदि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से सरकार की जनहितकारी योजनाओं और राजस्व शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
