रायपुर/बलौदाबाजार, 14 मई 2026: सुशासन तिहार: बलौदाबाजार-भाटापारा के चिचिरदा समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 450 आवेदनों का मौके पर निपटारा
छत्तीसगढ़ सरकार के ‘सुशासन तिहार’ अभियान के अंतर्गत प्रशासन सीधे आम जनता के द्वार पर पहुंच रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के बलौदाबाजार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चिचिरदा में एक विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनका त्वरित समाधान किया।

17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण पहुंचे, मिले 1145 आवेदन
‘शासन की जनता के द्वार पर दस्तक’ पहल के तहत आयोजित इस भव्य शिविर में भारी जनउत्साह देखने को मिला। शिविर में चिचिरदा सहित आसपास की कुल 17 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीण अपनी समस्याओं और मांगों के निराकरण के लिए पहुंचे।

- कुल प्राप्त आवेदन: 1145
- त्वरित निराकरण: 450 आवेदन
- अधिकारियों को निर्देश: शेष बचे आवेदनों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्वक हल करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
हितग्राहियों को मिली तत्काल राहत, बांटी गई सामग्री
शिविर के दौरान जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही:

- सामग्री का वितरण किया।
- आर्थिक सहायता के चेक सौंपे।
- उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
सिमगा और नगरीय निकायों में भी शिविरों की धूम
सुशासन की यह मुहिम केवल चिचिरदा तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे जिले में इसका व्यापक असर देखा गया:
- सिमगा विकासखंड: ग्राम जांगड़ा में भी इसी तरह का सफल समाधान शिविर आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण लाभान्वित हुए।
- नगरीय निकाय: जिले के सभी 7 नगरीय निकायों में विशेष शिविर लगाए गए। शहरों के वार्डों में जाकर आम जनता की समस्याओं को सुना गया और उनका तत्काल वैधानिक समाधान निकाला गया।
जनता का बढ़ा विश्वास
इस विशाल आयोजन से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग बेहद उत्साहित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय प्रशासन का खुद उनके गांव आना एक बड़ी राहत है। इस पहल से न केवल जनता की समस्याओं का मौके पर निपटारा हो रहा है, बल्कि शासन और प्रशासन के प्रति आम नागरिकों का भरोसा भी और ज्यादा मजबूत हुआ है।
