छत्तीसगढ़ में डिजिटल सुशासन: अब व्हाट्सएप पर मिलेगी रजिस्ट्री, ‘भुईयां’ से घर बैठे डाउनलोड होगी किसान किताब

रायपुर, 15 मई 2026: छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की सहूलियत और पारदर्शी प्रशासन (Good Governance) के लिए शासकीय सेवाओं को पूरी तरह हाईटेक बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री नरेन्द्र भूषण ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील से सौजन्य भेंट की।

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य में चलाए जा रहे जलग्रहण प्रबंधन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, भुईयां पोर्टल, रेवेन्यू ई-कोर्ट और पंजीयन विभाग की डिजिटल प्रगति का बारीकी से जायजा लिया गया। केंद्रीय सचिव ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वाणिज्यिक कर और राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी (REWARD) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकर राज्य के नवाचारों की सराहना की और इसे देश के लिए एक रोल मॉडल बताया।

📱 पूरी तरह डिजिटल हुए भू-अभिलेख, मॉडर्न रिकॉर्ड रूम तैयार

बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने एक विशेष प्रस्तुतीकरण के जरिए राज्य में भू-नक्शों और रिकॉर्ड्स के आधुनिकीकरण की जानकारी दी:

  • “डिजिटल किसान किताब”: भुईयां पोर्टल के माध्यम से इसे पूरी तरह अपडेट कर दिया गया है। भूमि स्वामी अब बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे, इसे कभी भी ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं।
  • शत-प्रतिशत कंप्यूटरीकरण: राज्य के सभी भू-अभिलेखों को डिजिटल रूप देकर जिलों में अत्याधुनिक ‘मॉडर्न रिकॉर्ड रूम’ स्थापित किए गए हैं।
  • त्वरित न्याय: राजस्व मामलों के तेजी से निपटारे के लिए ‘रेवेन्यू ई-कोर्ट’ का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है, साथ ही भूमि का ऑटो डायवर्सन भी अब पूरी तरह ऑनलाइन हो चुका है।

श्रीमती शम्मी आबिदी (सचिव, राजस्व) के अनुसार:“हमारा उद्देश्य हर किसान और भू-स्वामी को पारदर्शी व्यवस्था देना है। डिजिटल किसान किताब और ई-कोर्ट के माध्यम से अब मैन्युअल गलतियों और लेटलतीफी की गुंजाइश खत्म हो गई है।”

💬 कागज-रहित हुई रजिस्ट्री, व्हाट्सएप पर मिलेंगे सारे अपडेट्स

वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग ने तकनीक का समावेश कर जमीन और मकान की रजिस्ट्री प्रक्रिया को आम जनता के लिए बेहद सरल बना दिया है:

  • पेपरलेस ई-पंजीयन: दस्तावेजों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अब पूरी तरह ऑनलाइन और कागज-रहित (Paperless Mode) कर दिया गया है।
  • व्हाट्सएप पर अपॉइंटमेंट: पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब खरीदार और विक्रेता को व्हाट्सएप पर अपॉइंटमेंट बुकिंग से लेकर रजिस्ट्री पूरी होने तक के रियल-टाइम अपडेट्स भेजे जा रहे हैं।
  • मोबाइल पर मूल प्रति: रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होते ही नागरिक अपने मोबाइल पर ही व्हाट्सएप के जरिए रजिस्ट्री की डिजिटल कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं।

💧 जल संरक्षण को रफ्तार: 2.50 लाख हेक्टेयर भूमि का होगा उपचार

छत्तीसगढ़ राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी (REWARD) के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC 2.0) की महत्वपूर्ण उपलब्धियां साझा कीं:

  • 387 माइक्रो वाटरशेड: वर्ष 2021-22 में स्वीकृत 45 परियोजनाओं के तहत राज्य के 27 जिलों में युद्ध स्तर पर काम जारी है।
  • ₹613.66 करोड़ का निवेश: इस योजना के तहत कुल 2.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के उपचार का लक्ष्य है, जिसमें केंद्र और राज्य का वित्तीय अनुपात 60:40 है।
  • परियोजना को मिला विस्तार: भारत सरकार द्वारा हाल ही में 28 अप्रैल 2026 को ₹30.14 करोड़ की केंद्रांश राशि जारी करते हुए इस योजना की अवधि को बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दिया गया है।

श्री नरेन्द्र भूषण (केंद्रीय सचिव, भूमि संसाधन) के अनुसार:“छत्तीसगढ़ ने डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स और वाटरशेड मैनेजमेंट में बेहतरीन काम किया है। केंद्र सरकार की ओर से बजट बढ़ा दिया गया है ताकि सितंबर 2026 तक सभी लक्ष्य समय पर पूरे किए जा सकें।”

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