जनसुरक्षा को लगा नया पंख: सीएम विष्णु देव साय की बड़ी पहल, अब छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में दौड़ेगी ‘नेक्स्ट जेन डायल-112’

रायपुर 18 मई ।
छत्तीसगढ़ में जनसुरक्षा और आपातकालीन आपात सेवाओं को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में विष्णु देव साय सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजधानी रायपुर से ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112’ (Next Gen CG Dial-112) सेवा का भव्य शुभारंभ किया। इस खास मौके पर उन्होंने जनसेवा के लिए 400 से अधिक अत्याधुनिक हाई-टेक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस बड़ी उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा, “डायल 112 – एक्के नम्बर, सब्बो बर…। हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि संकट की घड़ी में प्रत्येक नागरिक को शीघ्र, भरोसेमंद और बेहतर सहायता मिले।” उन्होंने आगे कहा कि यह आधुनिक सेवा सुरक्षित, संवेदनशील और सशक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक बहुत मजबूत पहल साबित होगी।

अब 16 नहीं, पूरे 33 जिलों को मिलेगा सुरक्षा कवच

अब तक छत्तीसगढ़ के केवल 16 जिलों में ही डायल-112 सेवा का संचालन किया जा रहा था। लेकिन साय सरकार की तत्परता और दूरगामी सोच के चलते अब इसका विस्तार प्रदेश के सभी 33 जिलों में कर दिया गया है। इस विस्तार से राज्य के दूरदराज और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक भी आपातकालीन मदद महज एक कॉल पर पहुंच सकेगी। [1, 2]

इन आपात परिस्थितियों में मिलेगी तुरंत सहायता

‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112’ के बेड़े में शामिल किए गए सभी 400+ वाहन आधुनिकतम जीपीएस, संचार तकनीकों और मेडिकल किट से लैस हैं। यह सेवा निम्नलिखित परिस्थितियों में नागरिकों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी:

  • सड़क दुर्घटनाएं: हाईवे या किसी भी मार्ग पर दुर्घटना होने पर तुरंत मेडिकल सपोर्ट और पुलिस सहायता।
  • मेडिकल इमरजेंसी: एम्बुलेंस से पहले या बैकअप के तौर पर त्वरित प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचाने की सुविधा।
  • महिला एवं बाल सुरक्षा: किसी भी प्रकार के खतरे या संकट में फंसी महिलाओं और बच्चों को त्वरित और सुरक्षित रेस्क्यू।
  • अन्य आपातकालीन स्थितियां: आगजनी, कानून व्यवस्था या किसी भी प्राकृतिक/मानवीय संकट में तत्काल रिस्पॉन्स।

तकनीक और संवेदनशीलता का बेजोड़ संगम

‘नेक्स्ट जेन डायल-112’ सिर्फ वाहनों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि यह रिस्पॉन्स टाइम (मदद पहुंचने का समय) को न्यूनतम करने की एक हाई-टेक कोशिश है। आधुनिक जीपीएस मैपिंग के जरिए कंट्रोल रूम को कॉलर की सटीक लोकेशन तुरंत मिल जाएगी, जिससे बिना वक्त गंवाए नजदीकी वाहन मौके पर पहुंच सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने यह साफ कर दिया है कि राज्य के हर नागरिक की जान और माल की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘एक्के नम्बर, सब्बो बर’ का यह नारा अब धरातल पर छत्तीसगढ़ के कोने-कोने को सुरक्षित करने के लिए तैयार है।

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