छत्तीसगढ़ बना कृषि सुधारों का राष्ट्रीय मॉडल, भुवनेश्वर में गूंजी राज्य की उपलब्धियां

रायपुर, 21 मई 2026। छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय जोनल कॉन्फ्रेंस में राज्य की कृषि उपलब्धियों का डंका बजाया। कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ को कृषि नवाचार, किसान कल्याण और टिकाऊ खेती के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में सराहा गया। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण समृद्धि के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।

3100 रुपये में धान खरीदी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
मंत्री श्री नेताम ने कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। यह देश की सबसे पारदर्शी और ऐतिहासिक समर्थन व्यवस्था है। पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार ने 437 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी कर किसानों के खातों में लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये का सीधा भुगतान किया है।

भूमिहीन मजदूरों और आदिवासियों को संबल
राज्य सरकार केवल बड़े किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी आर्थिक सुरक्षा दे रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत 5 लाख से अधिक परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता सीधे बैंक खातों में दी जा रही है। इसके अलावा, बस्तर में कॉफी, अनासपाती और जशपुर में चाय की खेती से आदिवासी क्षेत्रों में नई आर्थिक संभावनाएं खुली हैं।

कृषि का हुआ आधुनिकीकरण
कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि राज्य में 128 हाईटेक नर्सरी, 71 कोल्ड स्टोरेज, 63 पैकहाउस और 428 सोलर ड्रायर विकसित किए गए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 4.89 लाख किसानों को 854 करोड़ रुपये से अधिक की दावा राशि दी गई है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में एआई (AI), ड्रोन तकनीक और एकीकृत किसान पोर्टलों के माध्यम से कृषि व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है।

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