750 रुपये की खाद को 1800 में बेच रहे थे, 10 दिनों के लिए बिक्री पर बैन और 74 बोरी जब्त
रायगढ़/लैलूंगा, 7 जून।
किसानों को सही दाम पर अच्छी खाद देने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। रायगढ़ जिला प्रशासन खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी बीच लैलूंगा विकासखंड में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। यहाँ कृषि विभाग ने खाद को महंगे दामों पर बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है।

अधिकारी ने खुद रचा जाल
खाद की कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर उप संचालक कृषि ने एक अनोखा तरीका अपनाया। वे खुद एक साधारण किसान का रूप धारण कर खाद की दुकान पर पहुंच गए। उन्होंने वहाँ खाद खरीदने की इच्छा जताई। जांच में सामने आया कि सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) खाद को बहुत महंगे दाम पर बेचा जा रहा था। इस खाद की असली कीमत लगभग 750 रुपये प्रति बोरी है। लेकिन दुकान वाले इसे भोले-भाले किसानों को 1800 रुपये प्रति बोरी में बेच रहे थे। इस तरह हर बोरी पर किसानों से 1000 रुपये से भी ज्यादा की अवैध वसूली की जा रही थी।

गोदाम सील, दुकान पर लगा प्रतिबंध
शिकायत सच साबित होने पर प्रशासन ने तुरंत बड़ी कार्रवाई की। अधिकारियों ने लैलूंगा में स्थित ‘मां दुर्गा ट्रेडर्स’ के गोदाम को सील कर दिया। मौके से प्रशासन ने 74 बोरी खाद भी जब्त की है। इसके साथ ही दुकान पर अगले 10 दिनों तक खाद बेचने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने दुकान के मालिक को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर जवाब मांगा है।
गड़बड़ी करने वालों को सख्त चेतावनी
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खरीफ के इस मौसम में किसानों को सही कीमत पर पूरी खाद देना प्रशासन का मुख्य लक्ष्य है। खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी या ज्यादा दाम वसूलने वालों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार के आदेश पर पूरे जिले में खाद की बिक्री पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का मकसद है कि कोई भी किसानों की मजबूरी का गलत फायदा न उठा सके।
किसान तुरंत करें शिकायत
जिला प्रशासन ने सभी किसानों से एक खास अपील की है। अगर कहीं भी खाद की कालाबाजारी या ज्यादा दाम वसूलने की जानकारी मिले, तो उसकी सूचना तुरंत कृषि विभाग या प्रशासन को दें। इससे दोषियों पर समय रहते कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि वे किसानों के हक की रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।
