रायपुर, 7 जून। राष्ट्रीय मछुआरा संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश के विधानसभा पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आज राजधानी में बेहद गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस अवसर पर मछुआरा समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी विभिन्न मांगें और समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने समाज को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके विकास और आर्थिक उन्नति के लिए पूरी मजबूती के साथ खड़ी है।
केंद्रीय और राज्य के मंत्रियों की रही गरिमामय उपस्थिति
इस भव्य समारोह में केंद्र से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति विशेष रूप से पधारी थीं। उनके साथ छत्तीसगढ़ शासन के कृषि एवं मत्स्य पालन मंत्री श्री रामविचार नेताम भी मंच पर उपस्थित रहे। नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनके कर्तव्यों की शपथ दिलाई गई और समाज के विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया गया।
मुख्यमंत्री ने सुनीं समाज की मांगें
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा, “आज राष्ट्रीय मछुआरा संघ के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण संपन्न हुआ है। इस मौके पर समाज के भाई-बहनों ने अपनी कुछ मांगें हमारे सामने रखी हैं। एक मुख्यमंत्री के नाते मैंने उनकी हर बात को ध्यान से सुना है। हमारे मत्स्य पालन मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी इन विषयों को नोट किया है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मछुआरा समाज छत्तीसगढ़ के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमारी सरकार इस समाज के कल्याण, रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। समाज की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
मत्स्य पालन को बढ़ावा देने पर ज़ोर
प्रदेश के कृषि एवं मत्स्य पालन मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार मछुआरों के हित में कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मत्स्य पालन को और अधिक लाभदायक बनाया जाएगा ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके। कार्यक्रम में भारी संख्या में मछुआरा समाज के पदाधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।
