रायपुर बना सिनेमाई प्रतिभाओं का गवाह, राज्यपाल के हाथों सम्मानित हुए दिग्गज डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर्स

रायपुर, 12 जून 2026रायपुर में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का सम्मान समारोह आयोजित, राज्यपाल रमेन डेका ने कलाकारों को सराहा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आज एक बड़ा कार्यक्रम हुआ। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम और संस्कृति विभाग ने मिलकर रखा था। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के कलाकारों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका शामिल हुए।

राज्यपाल ने कलाकारों को बधाई दी और समाज को सुधारने में फिल्मों के महत्व पर बड़ी बातें कहीं।

मनोरंजन के साथ समाज को जगाना जरूरी

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि फिल्में और डॉक्यूमेंट्री सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं हैं। यह समाज को जगाने और अच्छा संदेश देने का एक बहुत बड़ा साधन हैं। उन्होंने पुराने समय की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि पुराने समय में सिनेमा का मतलब सिर्फ पैसा कमाना नहीं था। तब फिल्में समाज को अच्छी बातें सिखाने के लिए बनती थीं। देश की आजादी की लड़ाई में भी भारतीय सिनेमा ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी।

बस्तर की अच्छी छवि दुनिया को दिखाएं फिल्म निर्माता

राज्यपाल ने बस्तर इलाके को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की मेहनत से बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। अब बस्तर में शांति लौट रही है। इसलिए फिल्म निर्माताओं को बस्तर की अच्छी और सुंदर चीजें दुनिया को दिखानी चाहिए। वहां की समृद्ध संस्कृति पर फिल्में बनानी चाहिए ताकि दुनिया के सामने बस्तर की एक सकारात्मक छवि बने।

पुरानी फिल्मों का दिया उदाहरण

अपने भाषण में राज्यपाल ने ‘सद्गति’, ‘चरणदास चोर’ और ‘देवदास’ जैसी प्रसिद्ध फिल्मों और नाटकों का नाम लिया। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्मों ने समाज को बदलने का काम किया था। आज के समय में भी ऐसी जागरूकता फैलाने वाली फिल्मों की बहुत जरूरत है।

लोक संस्कृति को बचाती हैं डॉक्यूमेंट्री फिल्में

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लोककला, लोकगीत, जनजातीय परंपराएं और बहुत से सुंदर त्योहार हैं। यह सब हमारी धरोहर हैं। डॉक्यूमेंट्री फिल्में इन सभी चीजों को हमेशा के लिए सुरक्षित रखने का एक बेहतरीन माध्यम हैं। उन्होंने सभी कलाकारों से अपील की कि वे राज्य की सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए आगे आएं और अपनी कला से देश-दुनिया को प्रभावित करें।

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