छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में डिजिटल क्रांति: 16 जून से ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य, लापरवाही पर रुकेगा जून का वेतन

विशेष संवाददाता
रायपुर, 13 जून 2026

छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में अब बरसों पुराना ढर्रा नहीं चलेगा। विभाग में लेटलतीफी और बिना सूचना गायब रहने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों पर सरकार ने पूरी तरह से लगाम कस दी है। लोक शिक्षण संचालनालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए विभाग के भीतर ऑनलाइन उपस्थिति (हाजिरी) और ऑनलाइन अवकाश (छुट्टी) प्रणाली को कड़ाई से लागू करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

नए आदेश के मुताबिक, आगामी 16 जून 2026 से शिक्षा विभाग के सभी स्तरों पर डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। यदि किसी ने भी इन नियमों की अनदेखी की, तो उनका जून महीने का वेतन रोक दिया जाएगा।

पारदर्शिता के लिए दो अलग-अलग डिजिटल माध्यम तय

शासन ने विभाग के हर स्तर पर काम में पारदर्शिता लाने के लिए दो अलग-अलग डिजिटल माध्यमों को मंजूरी दी है:

  • शिक्षकों और स्कूली स्टाफ के लिए: शासकीय स्कूलों में काम करने वाले सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को अपनी उपस्थिति ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ (VSK) द्वारा बनाए गए मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए दर्ज करनी होगी।
  • कार्यालय के अधिकारियों और बाबुओं के लिए: सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के तहत दफ्तरों में बैठने वाले अधिकारियों और बाबुओं को ‘आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली’ (AEBAS) के जरिए अपनी हाजिरी लगानी होगी।

लापरवाही की तो हाजिरी होगी ‘शून्य’, रुक जाएगी सैलरी

सरकार ने इस व्यवस्था को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आदेश में साफ कहा गया है कि यदि 16 जून से किसी भी कर्मचारी की उपस्थिति VSK ऐप या बायोमेट्रिक सिस्टम में दर्ज नहीं मिलती है, तो उसे उस दिन अनुपस्थित (शून्य उपस्थिति) माना जाएगा।

ऐसी स्थिति में संबंधित कर्मचारी का जून महीने का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, इस पूरी लापरवाही की जिम्मेदारी सीधे ‘आहरण एवं संवितरण अधिकारी’ (DDOs) की तय की गई है।

कागजी छुट्टी पर पूरी तरह प्रतिबंध, केवल ऑनलाइन मिलेगी मंजूरी

संचालनालय ने पाया है कि शिक्षा विभाग के कर्मियों के लिए ‘HRMIS पोर्टल’ के जरिए ऑनलाइन छुट्टी लेने की व्यवस्था पहले से लागू है, लेकिन इसके बाद भी कई जगहों पर ऑफलाइन (कागज पर) आवेदन लिए जा रहे हैं। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए प्रशासन ने अब ऑफलाइन अवकाश आवेदनों को पूरी तरह से बैन कर दिया है।

अब किसी भी तरह की छुट्टी केवल ऑनलाइन माध्यम से ही ली और मंजूर की जा सकेगी। यदि किसी अधिकारी ने ऑफलाइन आवेदन स्वीकार या मंजूर किया, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जमीनी स्तर पर पालन कराने के निर्देश

लोक शिक्षण संचालनालय ने राज्य के सभी संयुक्त संचालकों (JDs), जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और आहरण व संवितरण अधिकारियों (DDOs) को पत्र जारी कर दिया है। उन्हें जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस नई व्यवस्था से विभाग में समय की पाबंदी बढ़ेगी और पूरी व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

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