मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया ‘जश लर्न’ का जिला स्तरीय शुभारंभ: अब फोन कॉल से जशपुर के बच्चे बनेंगे गणित में होशियार

जशपुर 20 जून । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया ‘जश लर्न’ का जिला स्तरीय शुभारंभ: अब फोन कॉल से जशपुर के बच्चे बनेंगे गणित में होशियार

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के स्कूली बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक नई और आधुनिक शिक्षा तकनीक की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने जिला स्तरीय कार्यक्रम में ‘जश लर्न’ (Jash Learn) प्रोजेक्ट का विधि-विधान से शुभारंभ किया। इस अभिनव योजना के तहत अब जिले के दूर-दराज के गांवों में रहने वाले बच्चों को भी फोन के माध्यम से आसानी से गणित सीखने और समझने का बड़ा अवसर मिलेगा।

फरसाबहार में मिली ऐतिहासिक सफलता, 75 फीसदी बच्चे हुए दक्ष
इस योजना को पूरे जिले में लागू करने से पहले एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में फरसाबहार विकासखंड में चलाया गया था। फरसाबहार में इसके परिणाम बेहद चौंकाने वाले और उत्साहजनक रहे। वहां के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के 260 विद्यार्थियों को इस फोन आधारित शिक्षण प्रणाली से जोड़ा गया था। बेहद कम समय में इन 260 बच्चों में से 75 प्रतिशत बच्चों ने गणित की बुनियादी संक्रियाओं (जोड़, घटाना, गुणा, भाग) में पूर्ण दक्षता हासिल कर ली। बच्चों के भीतर से गणित का डर पूरी तरह खत्म हो गया।

फरसाबहार की तर्ज पर अब सभी विकासखंडों में होगा विस्तार
फरसाबहार विकासखंड में मिली इस शानदार सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसे पूरे जिले में लागू करने का निर्णय लिया। अब ‘जश लर्न’ कार्यक्रम का विस्तार जशपुर जिले के सभी विकासखंडों (ब्लॉक्स) में कर दिया गया है। इससे जिले के हजारों ग्रामीण और आदिवासी बच्चों को सीधे लाभ मिलेगा। अब उन्हें स्कूल के बाद घर पर भी गणित के कठिन सवालों को समझने में कोई परेशानी नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा— ‘क्या-क्या सीखे हो?’, बच्चों ने खुलकर की बात
कार्यक्रम के दौरान एक बेहद भावुक और सुंदर नजारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम से जुड़े बच्चों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से बेहद आत्मीयता से पूछा— “बेटा, आप लोगों ने इस फोन वाली पढ़ाई से क्या-क्या सीखा है?” मुख्यमंत्री के इस सवाल पर बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। बच्चों ने बिना किसी डर के मुस्कुराते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि कैसे वे खेल-खेल में फोन पर गणित के बड़े-बड़े सवाल हल कर लेते हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों के इस आत्मविश्वास की खूब सराहना की और उन्हें मन लगाकर पढ़ने का आशीर्वाद दिया।

डाइट (DIET) के होनहार प्रशिक्षु छात्र-शिक्षक हुए सम्मानित
‘जश लर्न’ कार्यक्रम को जमीन पर उतारने और बच्चों को फोन पर सिखाने का असली जिम्मा डाइट (जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान) के प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों ने संभाला है। इन युवा शिक्षकों ने फोन कॉल के माध्यम से बच्चों को बेहद सरल और रोचक तरीके से गणित का पाठ पढ़ाया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इन सभी प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों की कड़ी मेहनत और लगन की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में इस बेहतरीन योगदान के लिए उन्हें मंच से विशेष रूप से सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

क्या है ‘जश लर्न’ मॉडल और यह कैसे करता है काम?
‘जश लर्न’ पूरी तरह से एक फोन आधारित शिक्षण (Phone-Based Learning) मॉडल है। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • सीधे फोन पर पढ़ाई: इसके तहत शिक्षकों और विशेषज्ञों द्वारा बच्चों या उनके पालकों के मोबाइल फोन पर कॉल किया जाता है।
  • रोचक और मजेदार तरीके: फोन पर बच्चों को कहानियों, पहेलियों और गानों के माध्यम से गणित के नियम सिखाए जाते हैं।
  • कमियों की पहचान: शिक्षक फोन पर ही बच्चों से छोटे-छोटे सवाल पूछते हैं, जिससे यह पता चलता है कि बच्चा कहां अटक रहा है।
  • निःशुल्क शिक्षा सहायता: यह उन गरीब या ग्रामीण बच्चों के लिए वरदान है, जो स्कूल के बाद महंगी कोचिंग या ट्यूशन का खर्च नहीं उठा सकते।

जशपुर जिले में शुरू हुई यह अनूठी पहल अब पूरे छत्तीसगढ़ के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक रोल मॉडल बनने की राह पर है।

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