विशेष संवाददाता
रायपुर, 26 जून 2026
सुशासन की बयार: ‘मोदी की गारंटी’ से संवर रहा गरीबों का आशियाना, पक्के मकान ने बदली अमृतलाल के परिवार की तकदीर
- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार हो रहे पीएम आवास योजना के सपने
- कच्चे घर की दुश्वारियों से मिली मुक्ति; गौरेला के पंडरीपानी गांव में अमृतलाल के परिवार को मिला सम्मानजनक जीवन
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास की किरण पहुँचने लगी है। राज्य सरकार द्वारा गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे प्रभावी अभियानों के जमीनी परिणाम अब दिखने लगे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘हर गरीब को पक्का मकान’ की मंशा के अनुरूप, राज्य में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ लाखों परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। इसका एक जीवंत और प्रेरणादायी उदाहरण गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी में देखने को मिला है, जहाँ अमृतलाल के परिवार का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल चुका है।

कच्चे मकान की दुश्वारियाँ और अंतहीन संघर्ष
एक समय था जब पंडरीपानी निवासी अमृतलाल का परिवार मिट्टी की कच्ची दीवारों और खपरैल की कमजोर छत वाले मकान में रहने को मजबूर था। वह घर न केवल जर्जर था, बल्कि मौसम की हर मार को झेलने के लिए अभिशप्त था। गर्मियों में चिलचिलाती धूप, सर्दियों में हाड़ कंपाने वाली ठंड और सबसे बढ़कर मानसून के दिनों में टपकती छत इस परिवार की रातों की नींद उड़ा देती थी। बारिश के मौसम में सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा और दीवारों के ढहने का डर हमेशा बना रहता था। आर्थिक तंगी के कारण अमृतलाल के लिए अपने दम पर पक्का मकान बनाना एक कल्पनातित बात थी। उनका पूरा जीवन सिर्फ घर की मरम्मत और बुनियादी चिंताओं में ही सिमट कर रह गया था।

साय सरकार की संवेदनशीलता से मिला अधिकार
सूबे में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इसी संवेदनशीलता का लाभ अमृतलाल को भी मिला। योजना के तहत पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए अमृतलाल के नाम पर पक्के आवास की स्वीकृति जारी की गई। वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होने से बिना किसी बाधा के मकान का निर्माण कार्य समय पर पूरा हो गया। आज उसी जगह पर एक मजबूत, सुरक्षित और सर्वसुविधायुक्त पक्का मकान खड़ा है, जो इस परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
बदली तस्वीर और तकदीर: अब सम्मान के साथ जी रहे जीवन
पक्के आवास ने न केवल अमृतलाल के परिवार को प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की मार से सुरक्षा दी है, बल्कि समाज में उनका आत्मसम्मान और सामाजिक स्तर भी ऊंचा उठाया है। अमृतलाल का कहना है, “पहले हम हर वक्त डर के साए में जीते थे, खासकर बच्चों की सुरक्षा की चिंता हमेशा सताती थी। लेकिन आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की बदौलत हमारे पास खुद की पक्की छत है। इस घर ने हमारी सिर्फ तस्वीर ही नहीं, बल्कि हमारी तकदीर भी बदल दी है। अब हम सम्मान और खुशहाली के साथ अपना जीवन जी रहे हैं।”
बजट और क्रियान्वयन में तेजी, ‘मोदी की गारंटी’ पर अमल
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने कमान संभालते ही कैबिनेट की पहली बैठक में ही राज्य के लाखों गरीब परिवारों को पीएम आवास देने के ऐतिहासिक फैसले पर मुहर लगाई थी। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के मकान की सुविधा से वंचित न रहे। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित प्रदेश के सभी जिलों में जिला प्रशासन की कड़ाई और मैदानी अमले की सक्रियता से निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अमृतलाल जैसे हजारों परिवारों की आँखों में आई यह खुशी इस बात का प्रमाण है कि राज्य में सुशासन और ‘मोदी की गारंटी’ धरातल पर पूरी ताकत से क्रियान्वित हो रही है।
