सुप्रीम कोर्ट का महा-अभियान: 21 से 23 अगस्त तक विशेष लोक अदालत, घर बैठे ऑनलाइन भी सुलझेंगे लंबित मुकदमे

रायपुर, 3 जुलाई।

सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों के निपटारे के लिए ‘समाधान समारोह 2026’ का आगाज, 21 से 23 अगस्त तक लगेगी विशेष लोक अदालत

​• आपसी सहमति और सुलह से घर-घर तक न्याय पहुँचाने की अनूठी पहल

​• पक्षकार शारीरिक या ऑनलाइन (आभासी) रूप से हो सकेंगे शामिल, वेबसाइट पर उपलब्ध है गूगल फॉर्म

उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा न्याय को सरल, सुलभ और कम खर्चीला बनाकर आम जनता के घर-घर तक पहुँचाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आपसी सहभागिता और सहमति से न्याय की भावना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ‘समाधान समारोह 2026’ की शुरुआत की जा चुकी है। इस देशव्यापी अभियान का भव्य समापन आगामी 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय परिसर में आयोजित होने वाली ‘विशेष लोक अदालत’ के साथ होगा।

​इस विशेष लोक अदालत का मुख्य लक्ष्य सर्वोच्च न्यायालय में वर्षों से लंबित पड़े उपयुक्त मामलों का सौहार्दपूर्ण माहौल में, सुलह और आपसी सहमति के जरिए त्वरित निष्पादन करना है।

​पूर्व सुलह बैठकों का दौर जारी, प्रशिक्षित मध्यस्थ कर रहे मदद

​विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभियान की औपचारिक शुरुआत 21 अप्रैल 2026 को हुई थी, जिसमें बड़े पैमाने पर आपसी वार्ता के जरिए विवादों को सुलझाने का प्रयास किया गया। विशेष लोक अदालत के सुचारू संचालन के लिए देश के विभिन्न राज्यों, जिलों और तालुका स्तर पर उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरणों तथा समितियों के मध्यस्थता केंद्रों में ‘पूर्व सुलह बैठकों’ (Pre-Conciliation Meetings) का आयोजन किया जा रहा है। इन बैठकों में प्रशिक्षित मध्यस्थों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिवों द्वारा पक्षकारों को कानूनी उलझनों से बाहर निकालने में हरसंभव मदद दी जा रही है।

​ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जुड़ने की सुविधा

​राहत की बात यह है कि इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए पक्षकारों को अनिवार्य रूप से दिल्ली आने की आवश्यकता नहीं होगी। मामले से जुड़े पक्षकार इन सुलह बैठकों और वार्ताओं में अपनी सुविधानुसार सशरीर (भौतिक रूप से) अथवा आभासी (ऑनलाइन/वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) माध्यम से शामिल हो सकते हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने अधिवक्तागण, वादकारियों तथा अन्य सभी संबंधित पक्षों से इस न्याय अभियान में बढ़-चढ़कर और सक्रिय रूप से भागीदारी करने की अपील की है।

​ऐसे शामिल करें अपना मामला: गूगल फॉर्म से प्रक्रिया हुई बेहद आसान

​यदि किसी पक्षकार का कोई मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और वे उसे इस विशेष लोक अदालत के जरिए सुलझाना चाहते हैं, तो इसके लिए एक बेहद सरल डिजिटल प्रक्रिया तैयार की गई है:

  • गूगल फॉर्म की सुविधा: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक विशेष गूगल फॉर्म जारी किया गया है, जिसे भरना अत्यंत आसान है।
  • कहाँ मिलेगा फॉर्म: यह फॉर्म देश की सर्वोच्च अदालत की आधिकारिक वेबसाइट www.sci.gov.in पर उपलब्ध है।
  • ​इस फॉर्म को ऑनलाइन भरकर पक्षकार अपने लंबित मामले को ‘समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026’ की सूची में शामिल करवा सकते हैं।

​कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह पहल न सिर्फ अदालतों पर बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करेगी, बल्कि आम जनता को बिना किसी मानसिक और आर्थिक तनाव के त्वरित न्याय दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।

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