एक महीने में ही टूटा रिकॉर्ड; 42 हजार से अधिक शिकायतों का हुआ सफल निपटारा
चौबीसों घंटे सेवा में मुस्तैद हैं 8 हजार अफसर, सीएम साय बोले— ‘यह केवल हेल्पलाइन नहीं, जवाबदेह कार्यसंस्कृति का सशक्त उदाहरण’

रायपुर, 16 जुलाई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील सोच और तकनीक आधारित सुशासन की अनूठी पहल ‘सीएम हेल्पलाइन-1076’ महज एक महीने के भीतर छत्तीसगढ़ की जनता के भरोसे का सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरी है। “समस्या तुंहर, समाधान हमर” के ध्येय वाक्य के साथ शुरू हुई इस चौबीसों घंटे संचालित व्यवस्था ने प्रशासनिक सुस्ती को दूर कर नागरिकों को सीधे सरकार से जोड़ दिया है। संचालन के पहले ही महीने (13 जुलाई 2026 तक) में हेल्पलाइन के माध्यम से 42 हजार 653 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इनमें से 13 हजार 600 से अधिक नागरिकों ने समाधान से संतुष्ट होकर स्वयं अपने प्रकरण बंद कराए हैं।
कार्यालयों के चक्कर काटने से मिली मुक्ति: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस बड़ी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक की समस्या का त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
“हमारी सरकार ऐसा प्रशासन विकसित कर रही है, जहाँ जनता को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। अब सिर्फ एक फोन कॉल के माध्यम से न केवल शिकायत दर्ज होती है, बल्कि उसकी उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग भी की जाती है। यह हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु है।”
— श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे किसी भी समस्या के समाधान के लिए ‘1076’ का अधिक से अधिक उपयोग करें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
8 हजार अधिकारियों की फौज, 24×7 एक्टिव मोड
यह हेल्पलाइन कोई सामान्य कॉल सेंटर नहीं, बल्कि सुशासन को धरातल पर उतारने वाला एक महा-नेटवर्क बन चुकी है।
- चौबीसों घंटे सेवा: कॉल सेंटर में तैनात प्रशिक्षित अमला दिन-रात शिकायतें दर्ज कर संबंधित विभागों को फॉरवर्ड कर रहा है।
- तहसीलदार से सचिव तक जवाबदेही: शिकायतों के निपटारे के लिए तहसीलदार से लेकर सीधे सचिव स्तर तक के लगभग 8 हजार अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- समय-सीमा तय: हर शिकायत के निराकरण के लिए एक निश्चित टाइमलाइन तय की गई है, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही तय हो रही है।
ऊर्जा, पंचायत और राजस्व विभाग निराकरण में सबसे आगे
हेल्पलाइन के प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि जनता ने सबसे ज्यादा भरोसा बिजली, ग्रामीण विकास और जमीन से जुड़े मामलों पर जताया है। इन प्रमुख विभागों ने तत्परता दिखाते हुए शिकायतों का अंबार बेहद कम समय में साफ किया है:
विभाग का नाम सफलतापूर्वक निराकृत शिकायतें ऊर्जा विभाग (बिजली) 3,066 पंचायत एवं ग्रामीण विकास 2,530 राजस्व एवं आपदा प्रबंधन 1,314 भविष्य में और व्यापक होगा दायरा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में इस तकनीक आधारित व्यवस्था का दायरा और अधिक विस्तृत किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक त्वरित और गुणवत्तापूर्ण प्रशासनिक सेवाएँ पहुँचाना है।
महज एक माह में इस हेल्पलाइन ने साबित कर दिया है कि जब सरकार संवेदनशीलता, आधुनिक तकनीक और पारदर्शिता के साथ काम करती है, तो सुशासन का लाभ सीधे आम आदमी के घर तक पहुँचता है। यह पहल आज ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के जन-केंद्रित शासन मॉडल की असली पहचान बन चुकी है।
