रायपुर 19 जुलाई । छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों और सुशासन का बड़ा असर धरातल पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश ने औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक ऐसा ऐतिहासिक कीर्तिमान रचा है, जिसने देश के बड़े-बड़े औद्योगिक राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है, “उद्योगपति बताते हैं कि हमारे छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति सभी प्रदेशों से बेहतर है और इसी कारण मात्र डेढ़ साल में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू (MoU) साइन हुए हैं।”
मुख्यमंत्री के इस दावे ने साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ अब सिर्फ खनिज संपदा का राज्य नहीं, बल्कि देश का सबसे पसंदीदा ‘इन्वेस्टमेंट हब’ बन चुका है।

डेढ़ साल में रिकॉर्डतोड़ निवेश: विकास की नई परिभाषा
साय सरकार के महज 18 महीनों के कार्यकाल में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों (MoUs) पर मुहर लगना कोई सामान्य बात नहीं है। यह आंकड़ा इस बात का सीधा प्रमाण है कि देश-विदेश के बड़े उद्योगपतियों और निवेशकों का भरोसा छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों पर सिर चढ़कर बोल रहा है।
आखिर क्यों छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति है सबसे ‘बेहतर’?
औद्योगिक घरानों और विशेषज्ञों के अनुसार, छत्तीसगढ़ की मौजूदा उद्योग नीति में कई ऐसे क्रांतिकारी प्रावधान हैं जो इसे अन्य राज्यों से अलग और बेहतर बनाते हैं:
- सिंगल विंडो सिस्टम की रफ्तार: लालफीताशाही को खत्म कर निवेशकों को बेहद कम समय में सभी जरूरी क्लीयरेंस और अनुमतियां दी जा रही हैं।
- आकर्षक सब्सिडी और पैकेज: बिजली, जमीन और टैक्स में मिल रही रियायतों ने निवेशकों को आकर्षित किया है।
- सुरक्षित और स्थिर माहौल: कानून व्यवस्था की मजबूती और पारदर्शी गवर्नेंस ने कॉरपोरेट जगत में भारी भरोसा जगाया है।
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business): नियमों का सरलीकरण कर ‘बिजनेस फ्रेंडली’ इकोसिस्टम तैयार किया गया है।
“छत्तीसगढ़ में निवेश का यह ऐतिहासिक दौर सिर्फ फैक्ट्रियां लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रहा है। हमारी नीतियां पारदर्शी हैं और हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को देश का नंबर वन औद्योगिक राज्य बनाना है।”
– श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्रीलाखों युवाओं को मिलेगा रोजगार, बदलेगी प्रदेश की तस्वीर
8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का यह निवेश जब धरातल पर उतरेगा, तो इससे छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को एक अभूतपूर्व उछाल मिलेगा।
- स्थानीय रोजगार: स्टील, सीमेंट, आईटी, फूड प्रोसेसिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- आर्थिक मजबूती: राज्य के राजस्व में भारी बढ़ोतरी होगी, जिससे ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को और गति मिलेगी।
- सड़कों और बुनियादी ढांचे का विकास: उद्योगों के आने से नए एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक पार्क और टाउनशिप का विकास तेजी से होगा।
निवेशकों का बढ़ा भरोसा, छत्तीसगढ़ बना पहली पसंद
कल तक जो राज्य केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धान के कटोरे के रूप में जाना जाता था, आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजनरी नेतृत्व में वह ‘उद्योगों का गढ़’ बनकर उभरा है। देश के प्रमुख उद्योगपतियों का मानना है कि छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियां न केवल व्यापार को बढ़ावा देती हैं, बल्कि निवेशकों को सुरक्षा और सहयोग की 100% गारंटी भी देती हैं।
मात्र डेढ़ साल का यह सफर तो सिर्फ शुरुआत है; आने वाले समय में छत्तीसगढ़ विकास के नए आसमान को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है।
