विश्व मंच पर चमकी छत्तीसगढ़ की प्रतिभा: 53 किग्रा भारोत्तोलन में ज्ञानेश्वरी ने जीता रजत, मुख्यमंत्री साय बोले- बेटियों के लिए बनीं मिसाल
ज्ञानेश्वरी ने वेटलिफ्टिंग में रचा इतिहास: 53 किग्रा वर्ग में जीता रजत पदक
रायपुर / राजनांदगांव 28 जुलाई :
अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू एक बार फिर महक उठी है। राजनांदगांव की होनहार और प्रतिभाशाली बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में अद्वितीय प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग (भारोत्तोलन) स्पर्धा में रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया है। ज्ञानेश्वरी की इस ऐतिहासिक और गौरवमयी उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उन्हें सहृदय बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं।

🌟 मुख्यमंत्री का संदेश: “ज्ञानेश्वरी की सफलता बेटियों के लिए मिसाल”
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ज्ञानेश्वरी यादव के ऐतिहासिक प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की प्रतिभा, अटूट मेहनत और दृढ़ संकल्प का राष्ट्रीय व वैश्विक सम्मान है।
“राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि यदि प्रतिभा को समर्पण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का साथ मिले, तो दुनिया का कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उनकी यह स्वर्णिम सफलता प्रदेश के लाखों युवाओं और विशेषकर हमारी बेटियों के लिए एक नई प्रेरणा बनेगी।”
— श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़)🏋️ राजनांदगांव से राष्ट्रमंडल खेलों तक का सफर
ज्ञानेश्वरी यादव की यह यात्रा बेहद संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक रही है। राजनांदगांव की छोटी सी जगह से निकलकर विश्व स्तरीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना और तिरंगा फहराना उनकी वर्षों की कठिन साधना का परिणाम है। 53 किग्रा वर्ग में अत्यंत कड़े मुकाबले के बीच ज्ञानेश्वरी ने गजब का संयम, शक्ति और तकनीक का परिचय देते हुए रजत पदक पर कब्जा जमाया।
🏆 प्रदेश में खेल क्रांति: सरकार का प्रतिबद्ध संकल्प
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य सरकार की खेल नीतियों और प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल संस्कृति को नया आयाम देने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
- आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ: खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराया जा रहा है।
- विशेष प्रोत्साहन योजनाएँ: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाले एथलीटों को हर संभव आर्थिक और तकनीकी मदद दी जा रही है।
- प्रतिभा की खोज: ग्रामीण व शहरी अंचलों से छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को तराशकर मुख्यधारा में लाने का काम जारी है।
🌈 उज्ज्वल भविष्य की कामना
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ज्ञानेश्वरी यादव आने वाले समय में ओलंपिक और अन्य प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपने शानदार प्रदर्शन से भारत का नाम रोशन करेंगी। इस खबर के सामने आते ही राजनांदगांव सहित पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल है और खेल प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
