छत्तीसगढ़ का अदम्य जज़्बा: ‘जज़्बा पुलिस अवार्ड्स’ में सीएम विष्णुदेव साय ने की बस्तर के वीरों और पुलिसकर्मियों की सराहना

छत्तीसगढ़ पुलिस का अदम्य साहस: ‘जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026’ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की उत्कृष्ट पुलिसकर्मियों की सराहना

रायपुर, 29 जुलाई 2026:
“पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा, विश्वास और सुशासन की सबसे मजबूत आधारशिला है। पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर रहकर, हर मौसम और हर चुनौती के बीच दिन-रात जनता की सुरक्षा के लिए समर्पित रहते हैं।” यह उद्गार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के शांति नगर स्थित निजी सभागार में आयोजित प्रतिष्ठित ‘जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026’ के भव्य समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिसिंग के विभिन्न चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अनुकरणीय और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे पुलिस बल के मनोबल और अटूट सेवा भावना का प्रमाण है।

खाकी का असली अर्थ: त्याग, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ के साहसी, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों के बीच उपस्थित होकर अत्यंत आत्मीयता और गर्व का अनुभव हो रहा है।

  • वर्दी का गौरव: पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि त्याग, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।
  • परिवार से दूर समर्पण: कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी पुलिसकर्मी जिस निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, वह पूरे समाज के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। उनके इसी त्याग के कारण आम नागरिक अपने घरों में निश्चिंत होकर सुरक्षित जीवन जी पाते हैं।

नक्सलवाद पर निर्णायक विजय: बस्तर में विकास और विश्वास का नया सूर्योदय

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों द्वारा हासिल की गई ऐतिहासिक सफलताओं का विशेष रूप से उल्लेख किया।

  • विकास की नई सुबह: वर्षों तक नक्सलवाद ने प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज संपदा और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से परिपूर्ण बस्तर की विकास गति को बाधित कर रखा था। आज वही क्षेत्र हिंसा और भय के साए से बाहर निकलकर विकास, विश्वास और परिवर्तन के नए युग में प्रवेश कर चुका है।
  • शीर्ष नेतृत्व का मार्गदर्शन: यह अभूतपूर्व परिवर्तन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ रणनीति तथा राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस का परिणाम है।
  • मानवता की रक्षा: नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि लोकतंत्र, विकास और मानवता की रक्षा का पवित्र अभियान था। वीर जवानों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना दुर्गम जंगलों में मोर्चा संभाला और प्रदेश को भयमुक्त बनाने का जो कार्य किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।

घायल जवानों का जज़्बा: अदम्य इच्छाशक्ति की मिसाल

मुख्यमंत्री ने अपने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि उन्हें कई बार अस्पतालों में नक्सल मोर्चे पर घायल हुए पुलिस जवानों से मिलने का अवसर मिला।

“गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद जवानों के चेहरों पर निराशा का एक भी भाव नहीं होता था, बल्कि उनकी आँखों में देश और प्रदेश की सेवा का अटूट संकल्प झलकता था। वे हमेशा यही कहते थे कि ‘सर, स्वस्थ होते ही फिर से मोर्चे पर लौटेंगे।’ यही अदम्य जज़्बा आज छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है।”

कॉमनवेल्थ गेम्स में चमकीं एएसआई ज्ञानेश्वरी यादव

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस की सहायक उप निरीक्षक और अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव की शानदार उपलब्धि का विशेष उल्लेख किया।

  • रजत पदक की चमक: कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में 199 किलोग्राम भार उठाकर रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी ने देश और प्रदेश का नाम पूरे विश्व में रोशन किया है।
  • नारी सशक्तिकरण की मिसाल: मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान देश की आंतरिक सुरक्षा संभालने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी तिरंगे का मान बढ़ा सकते हैं। उनकी यह सफलता प्रदेश के युवाओं और विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का एक नया स्रोत है।

सकारात्मक पत्रकारिता और मीडिया की बड़ी भूमिका

मुख्यमंत्री ने समाज में अच्छे कार्यों को प्रसारित करने में मीडिया के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ जनता के विश्वास को मजबूत करता है।

  • पुलिस विभाग के नवाचारों, सफल अभियानों और मानवीय पहलों को जब जनता के सामने लाया जाता है, तो इससे बल का मनोबल बढ़ता है और युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना जागृत होती है।

डीजीपी श्री अरुण देव गौतम: “जनआकांक्षाओं को समझने का सशक्त माध्यम है मीडिया”

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री अरुण देव गौतम ने कहा कि किसी प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान द्वारा पुलिसकर्मियों के उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित किया जाना एक अत्यंत सराहनीय और ऊर्जावान पहल है।

  • जनोन्मुखी पुलिसिंग: उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से हमें समाज की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को गहराई से समझने का अवसर मिलता है, जिससे पुलिस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और जनोन्मुखी बनाया जा सकता है।
  • बस्तर के परिवारों को राहत: नक्सलवाद के खात्मे से सबसे बड़ी राहत उन बुजुर्ग माता-पिता, पत्नियों और बच्चों को मिली है, जिनके अपने वर्षों तक बस्तर के चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में तैनात रहकर सेवा दे रहे थे।

इन क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिला ‘जज़्बा अवार्ड’

‘जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026’ के तहत पुलिसिंग के विभिन्न आधुनिक और रचनात्मक आयामों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों व जवानों को सम्मानित किया गया। प्रमुख श्रेणियां इस प्रकार रहीं:

  • पुलिसिंग में तकनीकी नवाचार (Technical Innovations)
  • सामुदायिक पुलिसिंग और संवाद से समाधान
  • सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता अभियान
  • नवीन आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन
  • ई-मालखाना प्रबंधन और आधुनिकीकरण
  • पिंक पेट्रोल यूनिट, महिला सुरक्षा एवं वूमेन हेल्पलाइन
  • साइबर अपराध नियंत्रण एवं तकनीकी अनुसंधान

गरिमामयी उपस्थिति

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, रायपुर पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित पुलिस विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, सम्मानित होने वाले पुलिसकर्मी और उनके परिवारजन भारी संख्या में उपस्थित रहे। यह आयोजन छत्तीसगढ़ पुलिस के शौर्य, पराक्रम और समर्पण का एक ऐतिहासिक उत्सव बन गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *