127 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद भगवान बुद्ध के पिपरहवा स्थित पवित्र अवशेषों की स्वदेश वापसी प्रत्येक भारतीय के लिए श्रद्धा और गौरव का क्षण है।

यह भारत की आध्यात्मिक धरोहर की वापसी है, एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण है, जो विश्व को यह याद दिलाता है कि भारत ही यह पुण्यभूमि बुद्धत्व की भूमि है।

करुणा और शील जैसे सार्वभौमिक मूल्यों के प्रतीक इन अवशेषों की पुनर्प्राप्ति यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है।

इन पवित्र अवशेषों को औपचारिक रूप से भारत लाने हेतु आदरणीय प्रधानमंत्री जी एवं संस्कृति व पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत जी का सादर आभार।
-श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
