जशपुर/कमराखोल: छत्तीसगढ़ में सुशासन के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य ग्राम कमराखोल पहुँचे। मुख्यमंत्री का यह दौरा अत्यंत आत्मीय रहा, जहाँ उन्होंने शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लेने के साथ-साथ ग्रामीणों और बच्चों के साथ सीधा संवाद किया।
बच्चों के बीच झलका स्नेह, बाँटी खुशियाँ
गाँव पहुँचते ही मुख्यमंत्री सबसे पहले आँगनबाड़ी केंद्र पहुँचे। यहाँ उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें चॉकलेट बाँटी। मुख्यमंत्री का बच्चों के प्रति विशेष लगाव तब देखने को मिला जब उन्होंने नन्हे बच्चों को अपने पास बुलाकर उनके नाम पूछे और उनके साथ बातें कीं। बच्चों के भीतर सृजनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने उन्हें ड्राइंग शीट और शिक्षा सामग्री भी वितरित की।
ग्रामीण परंपराओं से हुआ स्वागत
कमराखोल पहुँचने पर मुख्यमंत्री का स्वागत स्थानीय परंपराओं और आत्मीयता के साथ किया गया। ग्राम पंचायत के पंच श्री झिमलाल की पत्नी ने मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ी संस्कृति की पहचान ‘बिरनमाला’ और ‘खुमरी’ (बाँस से बनी टोपी) पहनाकर उनका पारंपरिक अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने इस स्नेहपूर्ण स्वागत के लिए ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।
सुशासन का संकल्प
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजातियों तक विकास की मुख्यधारा को पहुँचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता में कोई कमी न आए।
मुख्यमंत्री के इस सहज अंदाज ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया और पूरे गाँव में सुशासन तिहार को लेकर भारी उत्साह देखा गया।
