रायपुर 12 अक्टूबर। शिक्षा विभाग की समीक्षा
मुख्यमंत्री के निर्देश
स्कूलों में out ड्राप कम करना है,gross enrolment ratio को बढ़ाकर १०० प्रतिशत करना है
महिला बाल विकास और स्कूल शिक्षा विभाग समन्वय कर बाल वाडियों को सक्रिय करें
बच्चों के लिए दी गई शिक्षण सामग्रीय अलमारियों में बंद ना रह जाए उनका समुचित उपयोग बच्चों को पढ़ाने में हो
स्थानीय भाषा बोली में प्राथमिक स्तर पर शिक्षा देने के लिए बीजापुर जिले की तारीफ़
यहाँ १०-१२वी पास स्थानीय युवाओ की सेवाएँ लेकर बच्चों की १-५ कक्षा तक स्थानीय बोली गोंडी में पढ़ाया जा रहा है
इस से बच्चों की स्कूलों में उपस्थिति बढ़ी है ड्राप आउट कम हुआ है
के निर्देश
३१ dec तक सभी स्कूली विद्यार्थियों के apar id बनाये जाये
राज्य में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान चलेगा*
१०वीं-१२वीं के परीक्षा परिमाण सुधार के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर्स योजना बनाये
रायगढ़ जिले के इस संबंध में नवाचार की प्रशंसा हुई
रायगढ़ में ऐसे विद्यार्थियों की नियमित मंथली टेस्ट, कमजोर बच्चों के लिए एक्स्ट्रा क्लासेज चलाई गई
GPM जिले ने भी अच्छा किया, हॉस्टल्स में एक्स्ट्रा क्लासेज और टेस्ट लिए गए
बच्चों की स्कूलों में शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के उपाय करे
शाला विकास समितियों, पालकों को सक्रिय करें*
मुख्यमंत्री के निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग और महिला बाल विकास विभाग के तालमेल से बढ़ेगी शिक्षा में गुणवत्ता
NEP के अनुसार 2030 तक GER को 100% करने का लक्ष्य
शिक्षादूत के माध्यम से स्थानीय भाषा में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बीजापुर की तारीफ
पीएम ई विद्या में डीटीएच के 5 चैनल के माध्यम और यू ट्यूब से पढ़ाई
प्रदेश में सभी अध्ययनरत बच्चों के लिए 12 अंकों का आधार बेस्ड अपार आईडी बनेगा, 31 दिसंबर तक करना होगा शत प्रतिशत रजिस्ट्रेशन, ये डिजिलॉकर से कनेक्ट रहेगा
अपार में रजिस्ट्रेशन के माध्यम से बच्चों को वितरित होंगी छात्रवृत्ति,गणवेश और किताबें
मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान में सभी शालाओं में सामाजिक अंकेक्षण कर शालाओं की ग्रेडिंग होगी
दसवीं बोर्ड एग्जाम में दसवीं बोर्ड परीक्षा में दन्तेवाड़ा में 9.32 फीसदी की वृद्धि, जिला प्रशासन के सहयोग से स्कूलों में आया बेहतर रिजल्ट
शिक्षक जहां अच्छा काम कर रहे हैं उनको प्रोत्साहित करिए
आधार बेस्ड अटेंडेंस को मॉनिटर करने की योजना बनाए, आवश्यक होने पर कार्रवाई करें
शाला विकास समिति को एक्टिव करें, शहरी क्षेत्रों में छात्रों की अनुपस्थिति पर ध्यान रखा जाए, परिजनों से संपर्क कर उपस्थिति को बढ़ाने का काम करें
