राम भक्ति केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र साधना है

यशस्वी प्रधानमंत्री जी के रायपुर प्रवास से महज कुछ ही घंटे पहले रामनामी समुदाय के इन प्रतिनिधियों से मंत्रालय में मेरी मुलाकात हुई थी, उनकी प्रधानमंत्री जी से मिलने की इच्छा को देखते हुए इसके लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

कल रजत महोत्सव के दौरान जब उनकी माननीय प्रधानमंत्री जी से भेंट हुई तब उन्होंने बड़े आदर भाव से प्रधानमंत्री जी को अपने पारंपरिक मोर मुकुट से अलंकृत करने की अभिलाषा प्रकट की। इस पर माननीय प्रधानमंत्री जी ने जिस आत्मीयता और सहज भाव से उनके मनुहार को स्वीकार किया, वह दृश्य वास्तव में हृदय को स्पर्श कर गया।

रामनाम ही जिनका धर्म है, राम भक्ति ही जिनका कर्म, ऐसा अद्भुत और राममय है हमारा रामनामी समुदाय। इनके पूरे शरीर पर अंकित ‘राम’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि समर्पण, तपस्या और अटूट आस्था का प्रतीक है।

जो समुदाय अपने तन, मन और जीवन को प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित कर देता है, ऐसे पवित्र रामनामी समाज के प्रति माननीय प्रधानमंत्री जी की आत्मीयता, प्रभु श्रीराम के प्रति उनके समर्पण और भक्ति का प्रत्यक्ष उदाहरण है।

यह भाव हमें विश्वास दिलाता है कि राम भक्ति केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र साधना है, जिसे हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी ने अपने कर्म, आचरण और जीवन मूल्यों से सार्थक किया है।

-श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन

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