हिंसा नहीं, विकास ही भविष्य है

हिंसा नहीं, विकास ही भविष्य है।

छत्तीसगढ़ में शांति और विश्वास की राह पर एक और निर्णायक उपलब्धि दर्ज हुई है। सुकमा जिले के गोण्डा क्षेत्र में सक्रिय रहे 29 भटके युवाओं ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया है। यह केवल एक निर्णय नहीं, बल्कि क्षेत्र में स्थापित होते सुरक्षा, स्थिरता और भरोसे का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

जहाँ कभी भय और अस्थिरता थी, वहाँ आज सुरक्षा शिविरों की मौजूदगी, प्रशासन की सक्रियता और जनहितैषी योजनाओं की पहुँच से परिस्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं।

हमारी सरकार का संकल्प स्पष्ट है, जो हिंसा छोड़कर शांति और विकास का मार्ग अपनाना चाहता है, उसके लिए सम्मानजनक जीवन, अवसर और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जाएगा।

-श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन

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