रायपुर 27 अप्रैल
छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिकों के e-KYC अनुपालन में देश में पहला स्थान प्राप्त कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य ने डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण कल्याण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. देश में शीर्ष स्थान
भारत सरकार द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ 97.11 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का e-KYC पूरा कर देश में अव्वल रहा है। राज्य ने इस मामले में केरल, त्रिपुरा और मिजोरम जैसे छोटे राज्यों के साथ-साथ कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।
2. पारदर्शिता और डिजिटल सशक्तिकरण
- सफलता का आंकड़ा: राज्य के कुल 58.70 लाख सक्रिय श्रमिकों में से 56.87 लाख श्रमिकों का डिजिटल सत्यापन (e-KYC) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
- फर्जीवाड़े पर रोक: इस प्रक्रिया से फर्जी जॉब कार्डों को खत्म करने और मस्टर रोल में गलत उपस्थिति को रोकने में मदद मिली है।
- सीधा लाभ: e-KYC सुनिश्चित करता है कि मजदूरी का भुगतान बिना किसी देरी के सीधे वास्तविक लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचे।
3. नेतृत्व और रणनीति
यह सफलता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल मार्गदर्शन और उपमुख्यमंत्री व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा की निरंतर मॉनिटरिंग का परिणाम है। राज्य भर में विशेष अभियान चलाकर और ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर इस लक्ष्य को प्राप्त किया गया।
4. सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार गरीब और श्रमिक वर्गों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस सफलता का श्रेय मैदानी स्तर पर काम करने वाली टीमों को दिया और निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों को भी जल्द पूरा कर 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए।
यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि छत्तीसगढ़ को डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करती है।
