धमतरी/रायपुर, 5 मई 2026:
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के ‘सुशासन’ संकल्प का जमीनी असर दिखने लगा है। ‘सुशासन तिहार’ अभियान के तहत प्रशासन अब दफ्तरों से निकलकर सीधे ग्रामीण अंचलों में जनता की चौखट पर पहुँच रहा है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के कुकरेल में आयोजित ‘समाधान शिविर’ जनसेवा का महाकुंभ बन गया। यहाँ आए 314 आवेदनों में से 266 का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को तत्काल राहत दी गई।

कागजों पर नहीं, धरातल पर समाधान: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कहा है कि जनसमस्याओं का निराकरण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि हर आवेदन का रिकॉर्ड पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन रखा जाए और जो समस्या मौके पर नहीं सुलझ सकती, उसे एक निश्चित समय-सीमा (Time-limit) के भीतर हल किया जाए।

17 पंचायतों के ग्रामीणों की पहुँची टोली
कुकरेल शिविर में दरगहन, सलोनी, केरेगांव और भोथापारा समेत 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण अपनी मांगें लेकर पहुंचे। शिविर की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विकास कार्यों और व्यक्तिगत मांगों से संबंधित 306 आवेदनों में से 262 को तत्काल मंजूरी प्रदान की गई। मौके पर जल संसाधन, स्वास्थ्य, राजस्व और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभागों के स्टाल लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ा गया।
10 जून तक जारी रहेगा सुशासन का सफर
प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम करने वाला यह अभियान 10 जून तक अनवरत जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि अब योजनाओं का लाभ लेना सरल हो गया है और उन्हें तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना ही इस ‘सुशासन तिहार’ का अंतिम लक्ष्य है।
