आम की छांव, सुशासन की बात: जब मुख्यमंत्री ने वनांचल की महिलाओं को दिखाया ‘लखपति’ से ‘करोड़पति’ बनने का सपना

रायपुर/कबीरधाम 7 मई : छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में बदलाव की एक नई इबारत लिखी जा रही है। कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल ग्राम कमराखोल (लोखान) में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के दौरान एक बेहद आत्मीय दृश्य देखने को मिला। यहाँ किसी आलीशान मंच के बजाय, आम के पुराने विशाल पेड़ की शीतल छांव में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठे और उनके सुख-दुख के सहभागी बने।

संघर्ष से सफलता तक: महिलाओं की भावुक दास्तां
इस चौपाल में वनांचल की महिलाओं ने जब अपनी संघर्ष की कहानियाँ सुनाईं, तो माहौल भावुक हो गया। कभी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसने वाली इन महिलाओं ने बताया कि कैसे सरकारी योजनाओं और स्व-सहायता समूहों (SHG) से जुड़कर उनकी जिंदगी बदली है। महिलाओं के आत्मविश्वास को देख मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि आज की आत्मनिर्भर महिला ही ‘नए छत्तीसगढ़’ की असली पहचान है।

“अब करोड़पति दीदी बनने का लक्ष्य रखें”
मुख्यमंत्री ने महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए एक बड़ा मंत्र दिया। उन्होंने कहा, “अब तक आपने लखपति दीदी बनने का सपना देखा और उसे पूरा किया, लेकिन अब रुकना नहीं है। अब अपनी सोच को विस्तार दें और ‘करोड़पति दीदी’ बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार हर कदम पर उनके कौशल विकास और बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

जमीन पर सुशासन: आंकड़ों से परे आत्मीयता
अक्सर सरकारी दौरे फाइलों और आंकड़ों तक सीमित रहते हैं, लेकिन कमराखोल की इस चौपाल ने ‘सुशासन’ की परिभाषा को मानवीय संवेदनाओं से जोड़ दिया। मुख्यमंत्री का बिना किसी तामझाम के ग्रामीणों के बीच बैठना यह संदेश दे गया कि शासन अब कतार के अंतिम व्यक्ति तक न सिर्फ पहुँच रहा है, बल्कि उनसे संवाद भी कर रहा है।

आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की झलक
इस दौरान महिलाओं ने अपने द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों और आर्थिक गतिविधियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वनांचल की महिलाओं की मेहनत और सरकार की योजनाओं का मेल छत्तीसगढ़ को जल्द ही देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा करेगा।

यह ‘सुशासन तिहार’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि वनांचल के उन सपनों को उड़ान देने की कोशिश थी, जो अब तक घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच दबे हुए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *