सुशासन तिहार 2026: त्रिवेणी रात्रे का बरसों पुराना सपना हुआ सच, अब कच्चे झोपड़े की जगह पक्के मकान में बसेगी खुशहाली
जांजगीर-चांपा / रायपुर, 07 मई 2026
सुशासन तिहार 2026: त्रिवेणी रात्रे का बरसों पुराना सपना हुआ सच, अब कच्चे झोपड़े की जगह पक्के मकान में बसेगी खुशहाली
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” आम जनता के लिए खुशियों का पैगाम लेकर आ रहा है। शासन की योजनाओं को सीधे जनता के द्वार तक पहुँचाने की इस मुहिम के तहत जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम तिलई में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर एक गरीब परिवार के लिए जीवन का सबसे बड़ा यादगार दिन बन गया।

कच्चे मकान के संघर्ष से मिली मुक्ति
ग्राम मुरलीडीह की निवासी श्रीमती त्रिवेणी रात्रे लंबे समय से एक पक्के मकान की आस लगाए बैठी थीं। शिविर के दौरान जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बने उनके नए पक्के घर की चाबियाँ सौंपी गईं, तो उनकी आँखों में खुशी के आँसू छलक आए।
त्रिवेणी ने भावुक होकर बताया कि उनका पूरा जीवन कच्चे मकान और झोपड़ी में संघर्ष करते बीता। उन्होंने साझा किया, “बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था और सामान को बचाने के लिए रात-रात भर जागना पड़ता था। गर्मी में तपिश इतनी होती थी कि घर के अंदर रहना दूभर हो जाता था। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारा भी अपना पक्का घर होगा।”
पारदर्शिता और त्वरित समाधान की मिसाल
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आयोजित यह शिविर समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान का केंद्र बन रहे हैं। त्रिवेणी रात्रे का मामला इसका जीवंत प्रमाण है। “सुशासन तिहार” के माध्यम से न केवल आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं, बल्कि पात्र हितग्राहियों को तत्काल लाभ भी दिया जा रहा है। अब त्रिवेणी का परिवार एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में रहने को तैयार है।
शासन की योजनाओं का सीधा लाभ
जांजगीर-चांपा के जनपद पंचायत अकलतरा अंतर्गत आयोजित इस शिविर में अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की कल्याणकारी योजनाओं को पहुँचाना है।
त्रिवेणी रात्रे ने इस मदद के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पक्के मकान ने न केवल उन्हें छत दी है, बल्कि उनके परिवार को भविष्य के लिए एक नई सुरक्षा और आत्मविश्वास भी दिया है।
