रायपुर 8 मई : छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज विभागीय कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित मुख्य अभियंताओं (Chief Engineers) की उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की कार्य संस्कृति अब ‘कॉर्पोरेट दफ्तरों’ की तरह दक्ष और परिणामोन्मुखी होनी चाहिए।

परफॉर्मेंस गारंटी पर सख्त निर्देश
बैठक के दौरान श्री साव ने सड़कों की गुणवत्ता को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन सड़कों की ‘परफॉर्मेंस गारंटी’ अवधि अभी शेष है, उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि गारंटी अवधि वाली सड़कें खराब पाई गईं और समय पर मरम्मत नहीं हुई, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने ठेकेदारों से त्वरित मरम्मत सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए ताकि आम जनता को आवागमन में कोई असुविधा न हो।

प्रशासकीय स्वीकृति के बाद टेंडर में न हो देरी
निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने पर जोर देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट को प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद तकनीकी स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को पूरी तत्परता से कार्यारंभ (Work Order) सुनिश्चित करने को कहा।
कॉर्पोरेट कल्चर और जवाबदेही
श्री साव ने विभाग में नई कार्य संस्कृति का आह्वान करते हुए कहा कि मुख्य अभियंता कार्यालयों को पूरी क्षमता और प्रोफेशनल दक्षता के साथ काम करना होगा। उन्होंने फील्ड से लेकर कार्यालय तक जवाबदेही तय करने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए केंद्र से समन्वय
राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने मुख्य अभियंता को निर्देशित किया कि भारत सरकार के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें। लंबित स्वीकृतियों को जल्द प्राप्त करने और जारी प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने के लिए दिल्ली स्तर पर फॉलो-अप बढ़ाने को कहा गया है।
बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सभी क्षेत्रों के मुख्य अभियंता उपस्थित थे, जिन्हें स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण में गुणवत्ता और समय सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
