उच्च शिक्षा मंत्री से मिले कुलपति: KTU के शैक्षणिक सुधार और विकास पर बनी सहमति

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा से कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति की शिष्टाचार भेंट; विश्वविद्यालय के गुणात्मक विकास और समस्याओं पर हुई सकारात्मक चर्चा

रायपुर, 08 मई 2026:

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा से कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति की शिष्टाचार भेंट; विश्वविद्यालय के गुणात्मक विकास और समस्याओं पर हुई सकारात्मक चर्चा

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा से उनके निवास कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करना था।

शिक्षा की गुणवत्ता और विस्तार पर जोर
मुलाकात के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विश्वविद्यालय के विकास को लेकर स्पष्ट विजन साझा किया। उन्होंने कुलपति को निर्देशित किया कि विश्वविद्यालय में न केवल छात्रों की संख्यात्मक वृद्धि (Numerical Expansion) पर ध्यान दिया जाए, बल्कि शिक्षा के स्तर में सुधार और गुणात्मक विकास (Qualitative Development) को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मंत्री जी ने विश्वविद्यालय को मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक उन्नत और आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

लंबित समस्याओं का होगा निराकरण
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा भी उपस्थित थे। उन्होंने विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन में आ रही लंबे समय से लंबित विभिन्न समस्याओं को मंत्री जी के समक्ष विस्तार से रखा। उच्च शिक्षा मंत्री ने इन समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके शीघ्र निराकरण के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर केंद्रित पाठ्यक्रम
विश्वविद्यालय वर्तमान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के मूल स्तंभों—गुणवत्ता, समानता, पहुँच और वहनीयता—के अनुरूप पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहा है। चर्चा में यह बात उभरकर आई कि यहाँ के मीडिया पाठ्यक्रमों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि विद्यार्थी रटने की पुरानी पद्धति से मुक्त हो सकें।

आधुनिक पत्रकारिता के लिए कौशल विकास
विश्वविद्यालय अब विद्यार्थियों में निम्नलिखित चार प्रमुख कौशलों को विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है:

  • आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking): खबरों के पीछे के तथ्यों को समझने की क्षमता।
  • रचनात्मकता (Creativity): नवाचार के साथ कंटेंट निर्माण।
  • बहुविषयक शिक्षा (Multidisciplinary Education): मीडिया के साथ-साथ अन्य विषयों का समन्वय।
  • कौशल विकास (Skill Development): तकनीकी रूप से दक्ष पत्रकार तैयार करना।

इन प्रयासों का उद्देश्य ऐसे पत्रकारों को तैयार करना है जो आधुनिक मीडिया जगत की जटिल चुनौतियों का डटकर सामना कर सकें और समाज में सकारात्मक योगदान दे सकें।

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