कबीरधाम/रायपुर 8 मई :
मुख्यमंत्री की चौपाल का असर: कमराखोल में वादे हुए पूरे, धरातल पर शुरू हुए विकास कार्य
कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल और बैगा बाहुल्य ग्राम कमराखोल में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन तिहार का सकारात्मक असर दिखने लगा है। महज कुछ ही दिनों के भीतर, मुख्यमंत्री द्वारा चौपाल में की गई घोषणाओं पर जिला प्रशासन ने त्वरित अमल करते हुए पेयजल, जल संरक्षण और सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्य शुरू करा दिए हैं।

त्वरित कार्रवाई की मिसाल
उल्लेखनीय है कि 4 मई को ‘सुशासन तिहार’ के तहत मुख्यमंत्री श्री साय ने कमराखोल में आकस्मिक चौपाल लगाई थी। ग्रामीणों ने पेयजल की किल्लत, मुक्तिधाम में शेड की कमी और पुराने तालाब के गहरीकरण जैसी बुनियादी समस्याएं उनके सामने रखी थीं। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, जिसे प्रशासन ने रिकॉर्ड समय में धरातल पर उतार दिया है।

पेयजल और रोजगार पर जोर
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गांव में पेयजल विस्तार के लिए नलकूप खनन का काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, मनरेगा (MGNREGA) के तहत 12 लाख 15 हजार रुपये की लागत से दो महत्वपूर्ण कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से न केवल जल संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को उनके गांव में ही रोजगार भी मिलेगा।

विकास कार्यों का विवरण:
- पुराना तालाब गहरीकरण व पचरी निर्माण: 8.48 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत इस कार्य से 3249 मानव दिवस का रोजगार सृजित होगा। इसमें 6.34 लाख रुपये सीधे मजदूरी के रूप में ग्रामीणों को मिलेंगे।
- मुक्तिधाम शेड निर्माण: ग्रामीणों की पुरानी मांग को पूरा करते हुए पक्का शेड बनाया जा रहा है, जिससे 138 मानव दिवस का रोजगार पैदा होगा।
- पेयजल विस्तार: नए नलकूपों के माध्यम से वनांचल क्षेत्र में पानी की समस्या का स्थाई समाधान किया जा रहा है।
जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल ने निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण किया जाए ताकि ग्रामीणों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री की इस पहल और प्रशासन की सक्रियता से वनांचल क्षेत्र के निवासियों में हर्ष का माहौल है।
