छत्तीसगढ़ भाजपा (BJP) ने अपनी प्रादेशिक कोर कमेटी का पुनर्गठन कर एक बड़ा और व्यापक फेरबदल किया है

रायपुर 13 मई।

छत्तीसगढ़ भाजपा (BJP) ने अपनी प्रादेशिक कोर कमेटी का पुनर्गठन कर एक बड़ा और व्यापक फेरबदल किया है। इस संगठनात्मक बदलाव के तहत पार्टी ने पीढ़ीगत संतुलन और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए कई युवा व कद्दावर मंत्रियों को कोर ग्रुप में शामिल किया है, जबकि कई सीनियर दिग्गजों को इस बार बाहर का रास्ता देखना पड़ा है। इस बड़े संगठनात्मक निर्णय पर क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की मौजूदगी में मुहर लगी है।

🌟 कोर कमेटी में नए चेहरों की एंट्री

पार्टी ने राज्य सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे मंत्रियों और अनुभवी विधायकों को नई टीम में शामिल कर आगे बढ़ाया है:

  • विजय शर्मा: प्रदेश के डिप्टी सीएम को कोर कमेटी में शामिल किया गया है।
  • ओपी चौधरी: प्रदेश के वित्त मंत्री को कोर ग्रुप की मुख्य टीम में नई जगह मिली है।
  • अरुण साव: उपमुख्यमंत्री अरुण साव को भी इस महत्वपूर्ण समिति में स्थान दिया गया है।
  • अमर अग्रवाल: वरिष्ठ भाजपा नेता और बिलासपुर के विधायक को मुख्य टीम में एंट्री मिली है।
  • लता उसेंडी: पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और विधायक को कोर ग्रुप में शामिल किया गया है।

🚪 कई सीनियर दिग्गज कोर ग्रुप से बाहर

इस व्यापक फेरबदल में पार्टी के कई ऐसे चेहरे कोर ग्रुप की बैठक में नजर नहीं आए जिन्हें संगठन की पुरानी नीति का आधार माना जाता था। राजनीतिक हलकों में इसे दिग्गजों की विदाई के रूप में देखा जा रहा है:

  • बृजमोहन अग्रवाल: सांसद और पूर्व मंत्री को इस बार कोर कमेटी में जगह नहीं मिली है।
  • डॉ. रमन सिंह: विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री इस नई कोर कमेटी की बैठक से दूर रहे।
  • रामविचार नेताम: प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री को भी नई सूची से बाहर रखा गया है।
  • गौरीशंकर अग्रवाल: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इस बार समिति में अपनी जगह नहीं बना पाए।
  • अन्य अनुपस्थित नेता: पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह, विक्रम उसेंडी और पुन्नूलाल मोहले भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं थे।

🎯 फेरबदल के पीछे का मुख्य उद्देश्य और रणनीति

  • 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी: पार्टी ने अभी से आगामी विधानसभा चुनाव और नगरीय निकाय चुनावों को देखते हुए संगठन की रीढ़ को मजबूत करना शुरू कर दिया है।
  • पीढ़ीगत संतुलन (Generational Shift): पुराने दिग्गजों की जगह नए और सक्रिय युवा चेहरों को लाकर भाजपा आलाकमान राज्य में भविष्य का नया नेतृत्व तैयार कर रहा है।
  • संगठनात्मक कसावट: रायपुर में हुई दो दिवसीय मैराथन बैठकों के बाद प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने पुष्टि की कि इस पुनर्गठन का मकसद भाजपा के जमीनी काम को बूथ स्तर तक और अधिक प्रभावी बनाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *