रायपुर 13 मई : ईंधन संरक्षण और EV को बढ़ावा: मुख्यमंत्री ने की कारकेड छोटा करने की घोषणा, मंत्रियों से भी की संयमित उपयोग की अपील
वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक स्तर पर ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान को समय की मांग बताते हुए राज्य में “Nation First” (राष्ट्र प्रथम) की भावना के साथ एक नए जन-आंदोलन की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने स्वयं अनुकरणीय पहल करते हुए अपने कारकेड (वाहनों के काफिले) में कटौती करने का बड़ा फैसला लिया है।

कारकेड में चलेंगे केवल आवश्यक वाहन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि उनके आधिकारिक भ्रमणों और दौरों के दौरान अब केवल अत्यधिक आवश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। अनावश्यक रूप से चलने वाले वाहनों को काफिले से बाहर कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी मंत्रियों, संसदीय सचिवों और विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी इसी प्रकार अपनी गाड़ियों के काफिले और अन्य सरकारी संसाधनों का संयमित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने का कड़ा आग्रह किया है।

शासकीय वाहन बदलेंगे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) में
राज्य सरकार ने सरकारी स्तर पर प्रदूषण और ईंधन की खपत कम करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और ठोस नीतिगत फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, राज्य के सभी शासकीय विभागों के वाहनों को अब चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में परिवर्तित किया जाएगा। इसके लिए परिवहन और संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कार्ययोजना बनाने और ठोस कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
आम जनता से की ये 3 बड़ी अपीलें
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के नाम संदेश जारी कर ईंधन संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से दैनिक जीवन में तीन मुख्य बदलावों को अपनाने का आग्रह किया है:
- सार्वजनिक परिवहन: आम लोग निजी गाड़ियों की जगह ज्यादा से ज्यादा बस, मेट्रो या लोकल ट्रेनों का उपयोग करें।
- कारपूलिंग: दफ्तर या लंबी दूरी की यात्राओं के लिए सहकर्मियों और मित्रों के साथ कारपूलिंग (वाहन साझा) करें।
- निजी वाहनों पर नियंत्रण: बहुत जरूरी न होने पर निजी वाहनों के अनावश्यक उपयोग से बचें और छोटी दूरियों के लिए पैदल या साइकिल का प्रयोग करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके हम देश और पर्यावरण के हित में बहुत बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का संरक्षण करना आज हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है।
