छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम: केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान
रायपुर, 14 मई 2026: छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम: केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज रायपुर जिले के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का सघन दौरा किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित इस केंद्र में उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और आजीविका गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया। केंद्रीय मंत्री ने यहां महिलाओं के कौशल और उनके द्वारा संचालित परियोजनाओं की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ के इस मॉडल को पूरे देश के लिए अनुकरणीय बताया।

🐐 ‘अजा’ परियोजना: वैज्ञानिक पशुपालन से बदली ग्रामीण अर्थव्यवस्था
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने एकीकृत बकरी पालन मॉडल ‘अजा’ (AJA) परियोजना के क्रियान्वयन को देखा। उन्होंने महिलाओं द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह मॉडल वैज्ञानिक पशुपालन को नई दिशा दे रहा है। इस परियोजना की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

- आधुनिक शेड: बकरियों के रख-रखाव के लिए वैज्ञानिक और सुरक्षित शेड का निर्माण।
- स्वास्थ्य सुरक्षा: पशुओं का नियमित टीकाकरण और उनका अनिवार्य पशु बीमा।
- डिजिटल ट्रैकिंग: पूरी परियोजना और पशुओं की सेहत की ऑनलाइन मॉनिटरिंग।
- अतिरिक्त आय: बकरी पालन के साथ-साथ जैविक खाद का बड़े पैमाने पर निर्माण।

मंत्री श्री पासवान ने कहा कि यह परियोजना न केवल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ा रही है, बल्कि इसके तहत तैयार उत्पादों के लिए बनाया गया बेहतर बाजार लिंकेज अन्य राज्यों के लिए भी सीखने योग्य है।
🛺 प्रोजेक्ट पिंक दीदी: पर्यावरण संरक्षण और महिला आत्मनिर्भरता
केंद्रीय मंत्री ने नवा रायपुर में संचालित ई-ऑटो सेवा “प्रोजेक्ट पिंक दीदी” की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने ई-ऑटो चालक हितग्राही महिलाओं से आत्मीय संवाद कर उनके जमीनी अनुभवों को जाना। उन्होंने कहा कि यह अनूठी पहल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर और गतिशील बना रही है।

🍪 ‘महुआ कुकीज’ का स्वाद और एफपीओ दीदियों से संवाद
दौरे के दौरान श्री पासवान ने कृषक उत्पादक संगठन (FPO) की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर महिलाओं से सीधी चर्चा की। महिला दीदियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे वे घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर आज एक बड़े संगठित व्यवसाय का सफल नेतृत्व कर रही हैं।
केंद्रीय मंत्री ने समूह द्वारा तैयार किए गए महुआ कुकीज का स्वाद लिया और दीदियों के हुनर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र को संगठित करके लाभ अर्जित करना ही वास्तविक महिला सशक्तिकरण की परिभाषा है।
💼 बहुआयामी आजीविका गतिविधियों का अवलोकन
मल्टी यूटिलिटी सेंटर में चल रही विविध गतिविधियों की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने निम्नलिखित पहलों को भी देखा:
- बिजनेस दीदी: ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय और व्यावसायिक प्रबंधन संभालती महिलाएं।
- मशरूम उत्पादन: कम लागत में उच्च आय सुनिश्चित करती कृषि गतिविधि।
- आजीविका सेवा केंद्र: ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे विभिन्न सेवाएं देने वाला केंद्र।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ने अपने दौरे के अंत में कहा कि सेरीखेड़ी का मल्टी यूटिलिटी सेंटर, अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो और बिजनेस दीदी जैसी पहलें इस बात का प्रमाण हैं कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं देश के विकास की मुख्यधारा का नेतृत्व कर रही हैं।
