रायपुर, 16 मई 2026:छत्तीसगढ़ का ‘स्मार्ट रजिस्ट्री मॉडल’ बना देश के लिए मिसाल, केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने पर कर रही विचार
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राजस्व एवं जन-सुविधाओं के क्षेत्र में किए गए तकनीकी नवाचारों को अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिल रही है। राज्य का ‘स्मार्ट रजिस्ट्री मॉडल’ देश के अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है। भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग (Department of Land Resources) के सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने राज्य के पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग की पीठ थपथपाई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के तकनीकी सुधारों और नागरिक-केंद्रित व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे बेहद प्रेरणादायी बताया है।

दो महीने में केंद्रीय टीम का तीसरा दौरा, राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी उत्सुकता
छत्तीसगढ़ में लागू स्मार्ट रजिस्ट्री प्रणाली, ऑटो म्यूटेशन (स्वचालित नामांतरण) और एंड-टू-एंड डिजिटल सेवाओं की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दो महीनों में भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का यह राज्य में तीसरा दौरा है। राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के इस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है।

समीक्षा बैठक में ‘नेक्स्ट जनरेशन प्लेटफॉर्म’ का खाका पेश
एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सचिव पंजीयन भुवनेश यादव तथा महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने विभाग की उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो वर्षों में विभाग ने आम नागरिकों की सुविधाओं के विस्तार, प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया है।

इस दौरान विभाग द्वारा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे “नेक्स्ट जनरेशन रजिस्ट्री प्लेटफॉर्म” की रूपरेखा और उसकी कार्यप्रणाली को भी केंद्रीय टीम के सामने रखा गया, जिसका उद्देश्य रजिस्ट्री की प्रक्रिया को और अधिक सरल और सुरक्षित बनाना है।
नवा रायपुर के ‘स्मार्ट सब-रजिस्ट्रार ऑफिस’ का निरीक्षण
बैठक के बाद केंद्रीय सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने सीबीडी, नवा रायपुर अटल नगर स्थित स्मार्ट उप पंजीयक कार्यालय (Smart Sub-Registrar Office) का जमीनी निरीक्षण किया। वहां उन्होंने ऑटो म्यूटेशन से एकीकृत एंड-टू-एंड डिजिटल रजिस्ट्री प्रक्रिया को लाइव देखा। अधिकारियों ने उन्हें दिखाया कि कैसे एक क्लिक पर रजिस्ट्री होते ही नामांतरण की प्रक्रिया खुद-ब-खुद शुरू हो जाती है, जिससे आम जनता को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।

राष्ट्रीय नीति में शामिल हो सकता है छत्तीसगढ़ का मॉडल
निरीक्षण के बाद केंद्रीय सचिव श्री भूषण ने छत्तीसगढ़ की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं देने की दिशा में छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अत्यंत प्रभावी और क्रांतिकारी है। उन्होंने संकेत दिए कि छत्तीसगढ़ के इस ‘स्मार्ट ऑफिस मॉडल’ को अखिल भारतीय स्तर (राष्ट्रीय स्तर) पर लागू करने के लिए नीति बनाने पर विचार किया जाएगा। इस नवाचार से छत्तीसगढ़ ने देश के डिजिटल गवर्नेंस और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित कर दिया है।
