नवा रायपुर 17 मई । कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह अभद्र व्यवहार के आरोप में निलंबित, महानदी भवन से आदेश जारी‘ छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने जांजगीर-चांपा जिले में पदस्थ हसदेव नहर जल प्रबंध संभाग के कार्यपालन अभियंता (EE) श्री शशांक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल होने और जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद यह सख्त कार्रवाई की गई है। उप सचिव रवीन्द्र कुमार मेढेकर के हस्ताक्षर से निलंबन आदेश जारी किया गया है।
ऑडियो वायरल होने के बाद हुई जांच
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले में पदस्थ कार्यपालन अभियंता श्री शशांक सिंह और उनके कार्यालय के वाहन चालक श्री शशिकांत साहू (संलग्न कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (रा.) अकलतरा/बलौदा) के बीच 12 मई 2026 को बातचीत हुई थी। इस बातचीत का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसकी खबरें 13 मई 2026 को समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, जिला जांजगीर-चांपा ने दोनों पक्षों के बयान लेकर इस पूरे मामले की जांच की। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जांजगीर-चांपा से प्राप्त जांच प्रतिवेदन (रिपोर्ट) में यह साफ हुआ कि कार्यपालन अभियंता ने अपने अधीनस्थ वाहन चालक से मोबाइल पर बेहद अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
प्रशासनिक छवि धूमिल करने का आरोप
जांच रिपोर्ट के अनुसार, शशांक सिंह ने बातचीत के दौरान न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति भी अशोभनीय टिप्पणियां कीं और वाहन चालक को प्रताड़ित किया। आदेश में कहा गया है कि उनके इस अमर्यादित आचरण से जिले में प्रशासन की छवि धूमिल हुई है।
सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई, मुख्यालय बदला
राज्य शासन ने शशांक सिंह को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम (3) के प्रावधानों के तहत कदाचरण का दोषी पाया है। इसके चलते उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग, शिवनाथ भवन, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा।
