रायपुर 18 मई । छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरों को पूरी तरह से खारिज करते हुए स्थिति को सामान्य बताया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है, इसलिए आम उपभोक्ताओं को घबराने या पैनिक बाइंग (घबराहट में जरूरत से ज्यादा खरीदारी) करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान में राज्य में 3 करोड़ 28 लाख 68 हजार लीटर पेट्रोल और 7 करोड़ 75 लाख 71 हजार लीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। ईंधन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए खाद्य विभाग के संचालक ने आज सभी ऑयल कंपनियों के प्रमुखों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में निर्देश दिए गए हैं कि जिन पेट्रोल पंपों पर स्टॉक कम हो रहा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर तुरंत सप्लाई भेजी जाए।
अचानक बढ़ी मांग, रविवार को भी खुले रहे डिपो
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर में कुल 2,516 पेट्रोल पंप संचालित हैं। बीते 13 और 14 मई को अचानक अफवाहों के कारण मांग में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई, जिससे पेट्रोल की बिक्री में 43 प्रतिशत और डीजल की बिक्री में 22 प्रतिशत का उछाल देखा गया। इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों में कृषि कार्यों के चलते भी डीजल की मांग लगातार बढ़ रही है।
इस बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए ऑयल कंपनियों के लखौली व मंदिरहसौद (रायपुर) और गोपालपुर (कोरबा) स्थित डिपो से लगातार जिलों को ईंधन भेजा जा रहा है। आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए रविवार को अवकाश के दिन भी डिपो चालू रखे गए और लगभग 370 टैंकरों के माध्यम से विभिन्न जिलों में पेट्रोल-डीजल पहुंचाया गया। वर्तमान में सभी डिपो से प्रतिदिन दो शिफ्टों में काम चलाकर मांग के अनुसार ईंधन की आपूर्ति की जा रही है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या अफवाह में न आएं।
