बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का आत्मीय स्वागत; क्षेत्रीय विकास और सुशासन पर हुई उच्च स्तरीय चर्चा
बस्तर (छत्तीसगढ़), 19 मई 2026। बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का आत्मीय स्वागत; क्षेत्रीय विकास और सुशासन पर हुई उच्च स्तरीय चर्चा
छत्तीसगढ़ के बस्तर में आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Regional Council) की 26वीं महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में शामिल होने छत्तीसगढ़ पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और राजकीय परंपरा के अनुरूप सीएम योगी आदित्यनाथ को राजकीय गमछा भेंट कर सम्मानित किया।

राज्यों के समन्वय और क्षेत्रीय विकास पर महामंथन
इस उच्च स्तरीय बैठक के इतर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच एक द्विपक्षीय मुलाकात भी हुई। दोनों मुख्यमंत्रियों ने विभिन्न समसामयिक मुद्दों और राज्यों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
वार्ता के मुख्य बिंदु:
- अंतर-राज्यीय समन्वय: पड़ोसी और मध्य क्षेत्र के राज्यों के बीच प्रशासनिक और विकास संबंधी तालमेल बढ़ाना।
- सुशासन (Good Governance): दोनों राज्यों में जनता के हित के लिए सुशासन के मॉडल और बेहतर कार्यप्रणाली को साझा करना।
- विकास योजनाओं का क्रियान्वयन: जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीतियों पर चर्चा।
- क्षेत्रीय सुरक्षा और बुनियादी ढांचा: बस्तर जैसे संवेदनशील और जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी विकास को गति देना।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक का महत्व
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में हो रही इस 26वीं बैठक का मुख्य उद्देश्य मध्य भारत के राज्यों के बीच सीमा विवाद, सुरक्षा, बुनियादी ढांचे के विकास, नदी जल बंटवारे और सामाजिक-आर्थिक विकास जैसे जटिल प्रशासनिक विषयों पर व्यापक सहमति बनाना है। बस्तर में इस बैठक का आयोजन होना यह दर्शाता है कि केंद्र और राज्य सरकारें इस अंचल के विकास और शांति को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं।
इस अवसर पर दोनों राज्यों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने तय एजेंडे के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपनी तकनीकी इनपुट साझा की।
