रायपुर 19 मई । केंद्रीय गृहमंत्री के संकल्प से देश से खत्म हुआ नक्सलवाद, छत्तीसगढ़ के 70 सुरक्षा कैंप अब बनेंगे ‘सेवाडेरा’: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सलवाद के खिलाफ मिली ऐतिहासिक सफलता और सुरक्षा बलों के कैंपों को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के संकल्प के तहत सुरक्षा कैंपों के दायरे को बढ़ाया गया था। अब इन कैंपों को आम जनता की सुविधा के लिए “सेवाडेरा” के रूप में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देशानुसार 200 में से 70 सुरक्षा कैंपों को सेवाडेरा में बदला जा रहा है।
सुरक्षा कैंपों का दायरा हुआ दोगुना
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियानों को गति देने के लिए देश भर में 200 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए थे। पहले एक सुरक्षा कैंप का कार्यक्षेत्र केवल 5 किलोमीटर के दायरे तक ही सीमित होता था। केंद्रीय गृहमंत्री ने इस नीति में बड़ा बदलाव करते हुए कैंपों के कार्यक्षेत्र को बढ़ाकर 10 किलोमीटर कर दिया था। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया करना था, जिसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
पिछली सरकार पर सहयोग न करने का आरोप
विष्णुदेव साय ने पिछली राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब यह संकल्प लिया गया था, तब छत्तीसगढ़ में लगभग तीन-चौथाई नक्सलवाद बचा हुआ था। केंद्र सरकार उस समय भी नक्सलवाद के विरुद्ध पूरी मजबूती से लड़ाई लड़ना चाहती थी। इसके लिए ठोस योजनाएं भी तैयार थीं, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने केंद्र सरकार के साथ आवश्यक सहयोग नहीं किया, जिससे अभियानों में बाधा आई।
अदम्य साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति से मिली सफलता
मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक कामयाबी का श्रेय सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और प्रभावित क्षेत्रों की स्थानीय जनता के पूर्ण सहयोग से नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प सिद्ध हो पाया है।
अब जनता की सेवा करेंगे ‘सेवाडेरा’
नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब सरकार इन कैंपों का उपयोग विकास और जनकल्याण के लिए करने जा रही है। जो सुरक्षा कैंप पहले केवल जवानों के ऑपरेशन के लिए बने थे, अब वे स्थानीय ग्रामीणों के लिए “सेवाडेरा” के रूप में काम करेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री की घोषणा के अनुसार, 200 में से 70 कैंपों को तुरंत सेवाडेरा में परिवर्तित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीणों तक स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाया जाएगा।
