नक्सलवाद पर साय का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: कांग्रेस को बताया झूठ की मशीन!

रायपुर, 20 मई 2026: रायपुर में नक्सल उन्मूलन पर सियासी घमासान: सीएम विष्णुदेव साय का कांग्रेस पर तीखा पलटवार, कहा— “झूठ बोलने में माहिर है विपक्ष”
छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन की नीतियों और दावों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयानों और कांग्रेस के दावों पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस हमेशा से झूठ बोलने और तथ्यहीन नैरेटिव गढ़ने में माहिर रही है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अगर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में धरातल पर ठोस काम किया होता, तो प्रदेश से नक्सलवाद बहुत पहले ही खत्म हो गया होता।

कांग्रेस की ढीली नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ ने भुगता दंश

रायपुर में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस शासनकाल की रणनीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की मंशा हमेशा से छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त देखने की रही है। केंद्र ने इसके लिए हर संभव प्रयास भी किए, लेकिन तत्कालीन राज्य सरकार से जैसा अपेक्षित सहयोग मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला। इसी लचर समन्वय के कारण प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा लंबे समय तक नक्सली हिंसा और खौफ के साये में जीने को मजबूर रहा।

बस्तर में बदलाव सिर्फ सैन्य अभियान नहीं, चौतरफा विकास का नतीजा

मुख्यमंत्री ने वर्तमान सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि आज बस्तर में जो सकारात्मक और ऐतिहासिक बदलाव दिख रहा है, वह सिर्फ बंदूकों और सुरक्षा अभियानों के दम पर नहीं आया है। यह बदलाव निम्नलिखित कड़ियों के मजबूत समन्वय का परिणाम है:

  • डबल इंजन का तालमेल: केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर और मजबूत रणनीतिक समन्वय।
  • जवानों का शौर्य: सुरक्षा बलों का अदम्य साहस और चौबीसों घंटे मुस्तैदी।
  • विश्वास बहाली: स्थानीय आदिवासियों और आम जनता का सरकार की नीतियों पर बढ़ता भरोसा।
  • विकास की रफ्तार: बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार।

बस्तर को मिलेगी नई पहचान: भय नहीं, आत्मनिर्भरता होगी आधार

श्री साय ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब बस्तर शांति और प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है, तब कांग्रेस तथ्यहीन कहानियां गढ़कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सरकार का संकल्प दोहराते हुए कहा:

  • बस्तर को हिंसा, डर और पिछड़ेपन के पुराने ढर्रे से पूरी तरह बाहर निकाला जाएगा।
  • बस्तर की नई पहचान अब शिक्षा, चमचमाती सड़कें, बेहतर सिंचाई, उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार और आत्मनिर्भरता से होगी।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति छोड़ आत्ममंथन करे कांग्रेस

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने पलटवार को और धार देते हुए कहा कि नक्सलवाद का मुद्दा बेहद संवेदनशील और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। इस पर घटिया राजनीति और भ्रम फैलाना पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है। कांग्रेस को इस विषय पर बयानबाजी करने के बजाय अपनी पुरानी विफलताओं पर पूरी ईमानदारी से आत्ममंथन करना चाहिए। आज बस्तर में जो शांति और सुरक्षा का माहौल बना है, वह सुरक्षा बलों के पराक्रम और हमारी सरकार की साफ नीति की जीत है।

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